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उत्तराखंड: RTI कार्यकर्ता को सूचना हासिल करने के लिए 1.49 लाख देने को कहा, जानिए पूरा मामला

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 September 2018, 11:19 IST

जहां नगर निगम ने एक आरटीआई कार्यकर्ता के आवेदन दाखिल करने के बाद नगर निगम ने उससे प्रिंटआउट की लागत के रूप में एक लाख 49 हजार रुपये का भुगतान करने को कहा हैदरअसल, हेमंत गोनिया नाम के एक शख्स ने आरटीआई के तहत 28 अगस्त को नगर निगम से नगरपालिका के टैक्स डिफॉल्डर्स और उनके पते के बारे में जानकारी मांगी थी. साथ ही गोनिया ने आरटीआई के तहत ये भी पूछा था कि नगर निगम ने टैक्स डिफॉल्डर्स के खिलाफ अबतक क्या कार्रवाई की गई है.

इसके साथ ही हेमंत गोनिया ने नगर निगम से पूछा था कि कितने दुकानदारों ने नगर पालिका को किराए का भुगतान नहीं किया और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है. उसके बाद नगर निगम ने गोनिया को लिखे एक पत्र में 1.49 लाख रुपये का भुगतान करने को कहा गया है.

निगम ने 7सितंबर गोनिया से पत्र के माध्यम से कहा है कि वो 147,938 रुपये का भुगतान करें. जिससे कि 73.969 पेजों का प्रिंटआउट निकालकर उन्हें दिया जा सके. इस पत्र में ये भी बताया गया है कि एक पेज को प्रिंट कराने के लिए 2 रुपये की लागत आएगीनिगम के अधिकारियों ने कहा कि कुल लागत 149,288 रुपये है. जिसमें 135 पूर्ण आकार के कागजात शामिल है जिसकी प्रिंटिंग लागत अधिक है.

गोनिया ने कहा कि जब उनसे रुपये के भुगतान की मांग की गई तो वो हैैरान रह गए. क्यों कि भविष्य में वो कोई ऐसी जानकारी की मांग ना करें इसलिए उन्हें परेशान किया जा रहा है. गोनिया का कहना है कि वो प्रिंटआउट के लिए इतनी राशि का भुगतान नहीं कर पाएंगे. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वर्तमान में पेन ड्राइव या सीडी में जानकारी देने का कोई प्रावधान नहीं है. या अभी भी डिजिटलीकृत डेटा उपलब्ध नहीं है.

वहीं सहायक नगरपालिका आयुक्त वी एस चौहान का कहना है कि, “गोनिया मेरे कार्यालय में आकर किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी की मांग कर सकते हैं. लेकिन सरकार ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी जानकारी के प्रत्येक पृष्ठ के लिए कीमत निर्धारित की है. लगभग 74000 पेजों के प्रिंट की लागत करीब 1.50 लाख रुपये आ रही है.”

बता दें कि गोनिया ने इससे पहले भी सूचना के अधिकार के तहत कई दस्तावेजों की मांग की है. जिसमें उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन और पेयजल संस्थान की हल्द्वानी इकाई के के देय राशि का भुगतान नहीं है. उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है. जिसमें बिजली कटौती, विद्युत ट्रांसफार्मर की मरम्मत और यातायात प्रबंधन पर अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जा रही है.

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First published: 16 September 2018, 11:19 IST
 
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