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वीडियो: नोटबंदी के बाद हैदराबाद के मशहूर मोती ने खोई अपनी चमक

 

पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट बंद करने का कई छोटे-बड़े उद्योगों पर बुरा असर पड़ रहा है. चारमीनार के शहर हैदराबाद का मोती देश ही नहीं दुनियाभर में मशहूर है. रोज़ाना इसका करोड़ों का कारोबार होता है.

लेकिन नोटबंदी के फैसले के बाद हैदराबाद में कारोबारी निराश हैं. उनकी रोज़ाना की बिक्री में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. कारोबारियों का कहना है कि जो लोग मोती खरीदने आते हैं, उनमें से 50 से 60 फीसदी बिक्री क्रेडिट और डेबिट कार्ड से होती है, जबकि 30 से 40 फीसदी लोग कैश के ज़रिए मोती खरीदते हैं.

कारोबार के जानकारों का मानना है कि पर्ल इंडस्ट्री को रोज़ाना इस फैसले के बाद से करोड़ों की चपत लग रही है. पुराने शहर में चारमीनार के पास ज्यादातर पर्ल कारोबारियों की दुकानें हैं. हैदराबाद शहर के बाहरी इलाके में स्थित चंदनपेट गांव के अधिकतर लोग मोतियों को तराशने के काम से जुड़े हुए हैं.