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गले मिलने के बाद मंच पर भिड़े शिवपाल और अखिलेश, मुलायम की मौजूदगी में महाभारत

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 October 2016, 12:49 IST
(कैच)

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का घमासान अंतिम दौर में है. इस बीच आज मुलायम सिंह यादव ने पार्टी मुख्यालय में सपा नेताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव को जमकर फटकार लगाई.

संबोधन खत्म होने के मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश से कहा कि शिवपाल तुम्हारे चाचा हैं और उनके गले लगो. इसके बाद अखिलेश ने मंच पर पहुंचकर शिवपाल को गले लगाया. हालांकि इसके बाद जो कुछ हुआ उसका किसी को अंदाजा तक नहीं था.

'अखिलेश तुम झूठ बोलते हो'

शिवपाल और अखिलेश के बीच गलबहियों के बाद नोंकझोंक की नौबत आ गई. दोनों के बीच मंच पर ही तीखी बहस हो गई. इस दौरान शिवपाल ने माइक छीनते हुए अखिलेश से कहा कि झूठ क्यों बोलते हो. मंच पर ही दोनों नेताओं के बीच हाथापाई की नौबत आ गई. इस दौरान अखिलेश और शिवपाल भिड़ गए.

गले मिलने के बाद अखिलेश और शिवपाल में जमकर बहसबाजी हुई. किसी तरह सुरक्षाकर्मियों की मदद से दोनों को अलग किया गया. इससे पहले दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ अपने संबोधन में भी जमकर भड़ास निकाली. शिवपाल ने इस दौरान कहा कि मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं.

दफ्तर में चाचा-भतीजा संग्राम

शिवपाल और अखिलेश यादव के बीच मतभेद तो काफी पहले से रहे हैं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि हालत यहां तक पहुंच जाएगी. इससे पहले अखिलेश और शिवपाल के समर्थक एक-दूसरे से कई बार गुत्थमगुत्था हो चुके थे. यह पहली बार है कि चाचा-भतीजा एक-दूसरे से सीधे उलझे हैं.

मंच पर दोनों के बीच हाथापाई की नौबत होने से हंगामा खड़ा हो गया. इसके बाद हालात संभालने के लिए सुरक्षाकर्मियों को आगे आना पड़ा. दोनों को किसी तरह एक-दूसरे को अलग किया गया. बताया जा रहा है कि मंच पर आशु मलिक की मौजूदगी से अखिलेश भड़क उठे.  

आशु मलिक की मौजूदगी से भड़के अखिलेश

दरअसल एक लेख में आशु मलिक ने अखिलेश यादव को औरंगजेब कह दिया था. इसी वजह से अखिलेश उनसे काफी अरसे से नाराज चल रहे थे.

यह भी बताया जाता है कि अखिलेश के खिलाफ यह लेख छापने में अमर सिंह ने मदद की थी. जिसके चलते अखिलेश यादव आशु मलिक पर काफी भड़के हुए हैं. अखिलेश ने मंच से इस दौरान कहा कि अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के लेख में उन्हें औरंगजेब और मुलायम सिंह को शाहजहां लिखा गया.

भाई का साथ, बेटे को डांट

संकेत साफ हैं कि अब समाजवादी पार्टी में सुलह की कोई गुंजाइश बची नहीं है. ऐसे में मुलायम ने जहां एक ओर शिवपाल और अमर सिंह का साथ देते हुए अखिलेश को अकेला छोड़ दिया. 

सपा दफ्तर में सोमवार के घटनाक्रम से मुलायम की सुलह-सफाई की आखिरी कोशिश भी बेकार चली गई है. मुलायम के सामने ही मंच पर समाजवादी पार्टी की पारिवारिक महाभारत हर किसी ने देखी. जाहिर है अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष में समाजवादी पार्टी बिखराव की ओर अंतिम कदम बढ़ा चुकी है.

First published: 24 October 2016, 12:49 IST
 
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