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'ग़द्दार परिवार से मुक्त हुई कांग्रेस'

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 10 February 2017, 1:46 IST
(कांग्रेस कमिटी, इलाहाबाद )
QUICK PILL
  • कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने पर इलाहाबाद में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने रीता बहुगुणा जोशी का पोस्टर जलाया है. 
  • कार्यकर्ताओं ने पूरे बहुगुणा परिवार को गद्दार करार देते हुए उनके जाने पर मिठाइयां बांटी हैं.  

24 साल तक कांग्रेस की राजनीति करने वाली दिग्गज नेता रीता बहुगुणा जोशी गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं. मगर पार्टी छोड़ने से दुखी होने की बजाय इलाहाबाद में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उनका पोस्टर जलाया और आपस में मिठाईयां बांटी. प्रदर्शनकारियों के पोस्टर पर लिखा था, 'गद्दार परिवार से मुक्त हुई कांग्रेस' और 'मैं गद्दार हूं'. 

इलाहाबाद में रीता बहुगुणा का पोस्टर शुक्रवार को ग्यारह बजे सिविल लाइंस इलाक़े के सुभाष चौराहे पर जलाया गया. तक़रीबन चार दर्जन कार्यकर्ताओं की अगुवाई ज़िला कांग्रेस कमेटी के महासचिव हसीब अहमद और शिरीष चंद्र दुबे कर रहे थे. 

कैच न्यूज़ से बातचीत में हसीब अहमद ने कहा, 'कांग्रेस से बहुगुणा परिवार ने हमेशा गद्दारी की है. 1974 में इनके पिता हेमवती नंदन बहुगुणा ने पार्टी छोड़ी, 2014 में भाई विजय बहुगुणा अलग हुए और अब 2016 में रीता बहुगुणा ख़ुद भाजपा में शामिल हो गईं'. 

हसीब का आरोप है कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें उत्तर प्रदेश जैसे सूबे की ज़िम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन उनके कार्यकाल में पार्टी में गुटबाज़ी बढ़ी और ग्राफ भी गिरा'. एक आरोप यह भी है कि महिला होने के बावजूद रीता बहुगुणा महिलाओं को पार्टी की तरफ़ नहीं आकर्षित कर पाईं'.

पोस्टर से बार-बार सुर्ख़ियां

इलाहाबाद की कांग्रेस कमिटी कई बार अपने पोस्टरों की वजह से सुर्ख़ियों में रही है. आम चुनाव से पहले 2013 में इन्होंने प्रिंयका गांधी को फूलपूर से उम्मीदवार बनाने की मांग उठाई थी. तब इनके पोस्टर पर लिखा था, 'मईया अब रहती हैं बीमार,  भईया पर बढ़ गया भार, प्रियंका फूलपुर से बनो उम्मीदवार, पार्टी का करो प्रचार'. 

हालांकि यह पोस्टर लगते ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने 17 अक्टूबर 2013 को इन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. इस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने 18 अक्टूबर 2013 से आनंद भवन के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी और दो महीने बाद निलंबित पदाधिकारियों की पार्टी में वापसी हो गई थी. 

इलाहाबाद कांग्रेस कमिटी कई बार प्रियंका गांधी को चुनावी मैदान में उतारने की मांग भी उठा चुकी है. इसी टीम ने आम चुनाव में शिकस्त के बाद 2014 में एक और पोस्टर लगाया था जिसपर लिखा था, 'कांग्रेस का मून, प्रियंका इज़ कमिंग सून'. 

महासचिव हसीब कहते हैं कि रीता के जाने से कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ेगा क्योंकि उनके साथ जुड़ने को कोई तैयार नहीं था. हम इन्हें पहले भी बाहर किए जाने की मांग उठा चुके हैं. जब विजय बहुगुणा ने पार्टी छोड़ी थी, तब हमारा पोस्टर पर स्लोगन था, 'आस्तीन के सांप रीता बहुगुणा और विजय बहुगुणा'. 

First published: 21 October 2016, 4:46 IST
 
शाहनवाज़ मलिक @catchhindi

स्वतंत्र पत्रकार

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