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'साइकिल' संग्राम: आज अखिलेश की बारी, आख़िरी बार सुलह के लिए जुटे आज़म

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 January 2017, 9:58 IST
(समाजवादी पार्टी)

समाजवादी पार्टी में अब चुनाव चिह्न साइकिल के लिए संग्राम तेज हो गया है. जहां एक ओर सोमवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचकर मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी और साइकिल पर अपना दावा ठोका है, वहीं अब बारी अखिलेश यादव खेमे की है.

अखिलेश कैंप के समर्थक रामगोपाल यादव को चुनाव आयोग ने सुबह साढ़े 11 बजे का समय दिया है. माना जा रहा है कि इस दौरान रामगोपाल यादव अपनी तरफ से आपातकालीन अधिवेशन के फैसलों की जानकारी के साथ विधायकों और सपा कार्यकारिणी के सदस्यों के समंर्थन की बात रखेंगे. 

हालांकि पिता और पुत्र के बीच चल रही इस जंग में सुलह के लिए पिछले दरवाजे से कोशिशें भी जारी हैं. एक बार फिर इसका बीड़ा उठाया है आजम खान ने. आजम ने 31 दिसंबर को भी दोनों से बातचीत के दौरान अहम भूमिका निभाई थी, जिसके बाद 24 घंटे के अंदर ही अखिलेश और रामगोपाल का सपा से निष्कासन रद्द गया था.

आजम ने कराई अखिलेश-मुलायम की बात!

सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने अखिलेश और मुलायम से समझौता करने की अपील की है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक आजम खान ने कहा है कि वह ऐसा आखिरी बार करेंगे. सूत्रों के मुताबिक आजम खान ने फोन पर अखिलेश और मुलायम सिंह की बात कराई है. वहीं खबर यह भी है कि शिवपाल को बिना बताए मुलायम सिंह दिल्ली से रवाना हो गए हैं. 

दरअसल टिकट बंटवारा ही टकराव की असली वजह है. बताया जा रहा है कि आजम ने कहा है कि मुलायम सिंह यादव अपनी पसंद के कुछ नाम छोड़कर पीछे हटें और कुछ मांग अखिलेेश यादव छोड़ें. आजम का कहना है कि दोनों पक्ष आम सहमति से टिकट बंटवारे पर अंतिम फैसला लें. हालांकि जिस तरीके से घटनाक्रम चल रहा है उसमें बीच का रास्ता निकलने के आसार कम नजर आ रहे हैं.

इससे पहले दिल्ली में सोमवार को मुलायम सिंह के आवास पर बैठक हुई, जिसमें शिवपाल यादव, अमर सिंह, अंबिका चौधरी और जयाप्रदा भी शामिल हुए. वहीं सोमवार को रामगोपाल यादव ने मुलायम सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कोई सुप्रीम कोर्ट के जज नहीं हैं, जो रविवार के आपातकालीन अधिवेशन को असंवैधानिक बता रहे हैं.

First published: 3 January 2017, 9:58 IST
 
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