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सीएम अखिलेश ने चाचा शिवपाल यादव समेत 4 मंत्रियों को किया बर्खास्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 October 2016, 12:36 IST
(कैच)

उत्तर प्रदेश में यादव परिवार का झगड़ा क्लाइमेक्स पर पहुंच गया है. चाचा से नाराज चल रहे सीएम अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव समेत उनके समर्थक माने जाने वाले तीन और मंत्रियों को कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया है.

सीएम अखिलेश ने रविवार को अपने समर्थक सपा विधायकों और जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में शामिल होने वालों को बिना मोबाइल के आने के सख्त निर्देश थे.

शिवपाल यादव के अलावा मंत्री पद गंवाने वालों में नारद राय, शादाब फातिमा और ओम प्रकाश सिंह भी शामिल हैं. अखिलेश ने अपने समर्थक विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक में यह फैसला लिया. बताया जा रहा है कि अखिलेश ने बैठक में साफ कर दिया है कि अमर सिंह समर्थकों पर कार्रवाई की जाएगी. 

यही नहीं सीएम अखिलेश यादव ने अमर सिंह की करीबी और पूर्व सपा सांसद जयाप्रदा को उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के उपाध्यक्ष पद से हटा दिया है. 

सपा के मैनपुरी से विधायक राजू सिंह का कहना है, "बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जो भी अमर सिंह का करीबी है वो मेरी कैबिनेट में नहीं रह सकता."

रामगोपाल का चिट्ठी बम

अखिलेश यादव ने कुछ दिनों पहले भी चाचा शिवपाल यादव से लोकनिर्माण मंत्रालय समेत कई अहम विभाग छीन लिए थे. वहीं गायत्री प्रजापति से खनन मंत्रालय छीनते हुए उन्हें कैबिनेट से बेदखल कर दिया था.

पिता मुलायम सिंह यादव की नाराजगी के बाद अखिलेश ने कदम वापस खींचते हुए शिवपाल को विभाग लौटा दिए थे, जबकि गायत्री प्रजापति की कैबिनेट में वापसी हुई थी.

इससे पहले आज सुबह सपा महासचिव रामगोपाल यादव का कार्यकर्ताओं को संबोधित एक खत सामने आया, जिसमें उन्होंने इशारों-इशारों में लिखा कि शिवपाल यादव चाहते हैं कि हर हाल में अखिलेश यादव चुनाव हार जाएं.

रामगोपाल यादव ने इस खत में यह भी कहा कि अखिलेश पर सुलह का दबाव डालने की असली वजह तीन नवंबर से शुरू हो रही समाजवादी विकास रथ यात्रा को रोकना है.

ट्विटर

इस बीच यादव परिवार में मचे घमासान पर जब उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "अभी तक संवैधानिक संकट नहीं है. अगर हस्तक्षेप करने की स्थिति बनती है तो संविधान और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी’."

इस बीच लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थकों ने सपा के राज्यसभा सदस्य अमर सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. दरअसल अखिलेश यादव अमर सिंह से खासे नाराज हैं.

सूत्रों के मुताबिक सपा के वरिष्ठ नेता जब शनिवार को अखिलेश को मनाने पहुंचे थे, तो इस दौरान भी अखिलेश ने कहा कि नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव को अपने बेटे से ज्यादा अमर सिंह पर भरोसा है. जाहिर है उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सपा अपने ही चक्रव्यूह में उलझी हुई है.

First published: 23 October 2016, 12:36 IST
 
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