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यादव कुनबे की महाभारत के पीछे सौतेली मां की साजिश!

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 October 2016, 12:17 IST
(कैच)

मुलायम सिंह के परिवार में मचा घमासान हर दिन एक नया मोड़ लेता नजर आ रहा है. कभी अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया जाता है, तो कभी शिवपाल यादव अपना मंत्री पद त्यागने का एलान कर देते हैं.

इन सबके बीच सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव बीच-बचाव का रास्ता निकालते हैं. कभी लगता है कि यादव कुनबे का यह विवाद खत्म हो गया है, लेकिन अगले ही पल एक नई कहानी सामने निकलकर आती है और यह झगड़ा नए मोड़ पर पहुंच जाता है.

अब समाजवादी पार्टी के ही विधान परिषद सदस्य उदयवीर सिंह की एक चिट्ठी आग में घी डालने का सबब बनकर आई है. उदयवीर का आरोप है कि परिवार में इस विवाद के पीछे मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का हाथ है. उदयवीर ने शिवपाल यादव पर भी कई आरोप लगाए हैं.

'सीएम से निजी जलन की भावना'

उदयवीर सिंह एटा-मैनपुरी सीट से विधान परिषद सदस्य हैं. चार पन्नों की इस चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि शिवपाल यादव सीएम अखिलेश की सौतेली मां की रची साजिश में उनका साथ दे रहे हैं.

चिट्ठी में उदयवीर सिंह ने मुलायम सिंह उनके परिवार में बड़े बेटे के खिलाफ हो रही साजिशों से सतर्क रहने की नसीहत दी है. सपा एमएलसी ने मुलायम सिंह को अखिलेश और उनकी सौतेली मां के बीच चल रहे विवाद को खत्म करने की सलाह दी है.

चिट्ठी में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में मुलायम सिंह के द्वारा अखिलेश यादव को पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए जाने के बाद साजिशों का दौर तेज हो गया है.

इस खत में एक जगह सीएम से निजी जलन की भावना सबहेड में लिखा गया है, "जबसे आपने अखिलेश यादव को चुनाव में पार्टी का सीएम चेहरा बनाया है, तभी से आपके परिवार में साजिश की शुरुआत हुई. अखिलेश की सौतेली मां हमेशा पर्दे के पीछे रही हैं. उनका राजनीतिक चेहरा बनकर शिवपाल आगे आए. शिवपाल ऐसा ना होने देने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क करने लगे."

उदयवीर ने इस खत में लिखा है, "अखिलेश विरोधी गुट के दबाव में आकर मुलायम ने कई बार सार्वजनिक मंच पर सीएम अखिलेश को फटकार लगाई है. अखिलेश हमेशा एक आज्ञाकारी बेटे बने रहे. उन्होंने कभी अपने पिता की बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी."

गोरतलब है कि साधना गुप्ता मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी हैं. उनके बेटे प्रतीक यादव रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं. जबकि बहू अपर्णा को सपा ने विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिया है.

'अखिलेश को मिले आजादी'

उदयवीर सिंह ने अपनी चिट्ठी में दावा किया है कि बाहरी लोगों ने हमेशा इस परिवार के संकट का फायदा उठाया है. पार्टी को पहले जैसी स्थिति में लाने के लिए सपा सुप्रीमो को निष्कासित नेताओं को दोबारा पार्टी में लाना चाहिए और अखिलेश को पूरी पावर देनी चाहिए.

साथ ही उदयवीर ने लिखा, "जब आप मुख्यमंत्री थे, तो पार्टी से संबंधित सभी फैसले लेने का अधिकार आपको था. इसी तरह आपको अखिलेश यादव को भी पूरी आजादी देनी चाहिए."

माना जा रहा है कि पिछले महीने 11 सितंबर को दिल्ली में हुई एक पार्टी के बाद समाजवादी पार्टी का पारिवारिक विवाद खुलकर सामने आया. इस पार्टी में अमर सिंह ने मुलायम सिंह यादव और शिवपाल को बुलाया था.  

सपा एमएलसी उदयवीर सिंह के पत्र के खिलाफ समाजवादी पार्टी के एक दूसरे एमएलसी आशु मलिक खुलकर सामने आए हैं.

मलिक ने कहा कि उदयवीर ने पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह का अपमान किया है. इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. सपा नेता ने कहा कि जो सियासी फायदे के लिए मुलायम सिंह को निशाना बना रहे हैं, वे भविष्य में ऐसा ही अखिलेश यादव के साथ भी करेंगे.

यादव परिवार में चल रहे घमासान के बीच लखनऊ में आज सपा के जिलाध्यक्षों और महासचिवों की बैठक हो रही है. जिसमें पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव शिरकत कर रहे हैं. इस बीच अखिलेश यादव ने तीन नवंबर से सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए समाजवादी विकास रथयात्रा निकालने का एलान किया है.

First published: 21 October 2016, 12:17 IST
 
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