Home » उत्तर प्रदेश चुनाव » Have UP's fortunes improved with Akhilesh as CM? A look at the numbers
 

अखिलेश राज में यूपी की तक़दीर कितनी बदली? आंकड़े देखें

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:37 IST
(फाइल फोटो )

मुलायम सिंह यादव कैंप और उनके बेटे अखिलेश यादव में सत्ता के लिए संग्राम जारी है. परिवार के राजनीतिक भविष्य को लेकर फिलहाल कुछ भी निश्चित तौर पर कहना मुश्किल है. पर एक बात जरूर है, नतीजा चाहे कुछ भी रहे, उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखिलेश का आधार पिता की तुलना में ज्यादा मजबूत है. 

शायद यह धारणा इसलिए है क्योंकि मुख्यमंत्री के तौर पर अखिलेश ने पिछले पांच सालों में उत्तर प्रदेश में बहुत काम किया है. पर यह कहना कितना सच है? अखिलेश का अपने कार्यकाल में कैसा प्रदर्शन रहा, इस पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर एक नजर डालते हैं. 

161

  • बिलियन डॉलर 2014-15 में यूपी का सकल घरेलू उत्पाद रहा है. 
  • अखिलेश के सत्ता में आने से पहले, 2012-13 में यूपी का सकल घरेलू उत्पाद 144 बिलियन डॉलर था. 
  • अखिलेश के समय में जीडीपी में 10 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई.
  • अखिलेश से पहले, बसपा के समय जीडीपी की विकास दर ज्यादा थी. जीडीपी विकास दर 5.4 प्रतिशत, उद्योगिक विकास दर 2.8 प्रतिशत, और कृषि विकास दर 3.1 प्रतिशत. अखिलेश के कार्यकाल में यह प्रतिशत क्रमश: 3.6, 1.8 और 1.3 रहा.

530

  • मिंट के एक विश्लेषण के अनुसार 2012 से लेकर 2015 तक अखिलेश सरकार के अधीन दर्ज गंभीर अपराधों की कुल संख्या. 
  • गंभीर अपराधों में बलात्कार, दंगे, हत्या, अगवा करना और भगा कर ले जाना शामिल हैं. 
  • बसपा शासन के चार सालों में महज 356 गंभीर अपराध दर्ज हुए. 
  • आप कोई भी चैनल लगाएं, अखिलेश यादव की उत्तर-प्रदेश सरकार का ब्लिट्सक्रीग विज्ञापन देख सकते हैं. ये एड कैंपेन बताते हैं कि मुख्यमंत्री का उत्तर-प्रदेश के विकास में कितना योगदान रहा है. उन्होंने छात्रों, युवाओं, खिलाडिय़ों, लगभग सभी का जीवन निखारा है.
  • सच तो यह है कि इन दिनों ब्रांडिंग और प्रचार, बड़े पैमाने की राजनीति का अभिन्न हिस्सा है. पर लाख टके का सवाल यह है कि क्या यह रणनीति जमीनी हकीकत में गूंजती है? उक्त आंकड़े बताते हैं कि अखिलेश ने भले ही राज्य का आर्थिक स्तर पर विकास किया हो, पर कानून और व्यवस्था के हालात और अन्य सामाजिक मुद्दे अब भी चिंताजनक हैं.

25,081
करोड़

रुपए

  • का निवेश अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते उत्तर प्रदेश में हुआ. यह बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट है.

  • सितंबर 2016 में यूपी के स्पेशल इकोनोमिक जोन (सेज) पर करीब 14,465 करोड़ रुपए अतिरिक्त निवेश किया गया.

  • इससे 1,13,705 लोगों को सीधा रोजगार मिला. सेज से निर्यात 10,570 करोड़ रुपए का रहा. 
  • मायावती की सत्ता के दौरान, लागत 10,773 रुपए था, यानि अखिलेश की लागत से आधा.

First published: 4 January 2017, 7:58 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी