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यूपी: समाजवादी घोषणापत्र की नकल बन गया भाजपा का संकल्प पत्र

अतुल चंद्रा | Updated on: 30 January 2017, 7:50 IST

टिकट के वितरण को लेकर बढ़ते अंतरविरोध के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी पार्टी का नौ सूत्रीय लोक कल्याण संकल्प पत्र जारी किया है. इन 9 संकल्पों में डायल 108 और डायल 100 को और बेहतर करने का भी वादा है. ये दोनों सेवाएं अखिलेश यादव सरकार ने शुरू की थीं. भाजपा ने इसके अलावा अन्य योजनाओं की भी नकल की है.

सपा सरकार की लैपटॉप स्कीम का भी शाह के संकल्पों में उल्लेख है. ये प्रति माह 1 जीबी डाटा के साथ वितरित किए जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘इससे पहले लेपटॉप जाति और धर्म के आधार पर दिए गए थे, पर हम सुनिश्चित करेंगे कि ये सभी स्टूडेंट्स को मिलें, भले ही वे किसी भी जाति और धर्म के हों.’

जब शाह ने कहा कि लखनऊ, नोएडा और राज्य के अन्य पांच शहरों में मेट्रो सेवाएं दी जाएंगी, तब भी साफ था कि अखिलेश यादव ने भाजपा की योजना को चुरा लिया है. शाह को जब कार्यकर्ताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा था और जब वे एयरपोर्ट के बाहर उनकी कार के आगे लेट गए थे, तब भी वे शांत रहे. उन्होंने कहा, ‘टिकट को लेकर झगड़ा मतलब अच्छे दिन आने वाले हैं.’ कार्यकर्ताओं ने नाराजगी के चलते पार्टी कार्यालय पर ताले लगा दिए थे. 

और वादे

घोषणा-पत्र में छोटे और सीमांत किसानों को ब्याज-मुक्त ऋण देने का वादा है. इसमें यूपी किसानों को मदद करने का वादा है, जो सभी ऋणों से इनकार किए जाने के कारण परेशान हैं. बुंदेलखंड और पूर्वांचल के लिए विकास राशि के अलावा 150 करोड़ रुपए कृषि विकास के लिए तय किए जाएंगे.

घोषणा-पत्र के अनुसार, तोलते समय गन्ना किसानों को पोस्ट-डेटेड चेक्स दिए जाएंगे. शाह ने धान उगाने वालों को भी आश्वस्त किया कि यदि वे उन्हें जिताने के लिए वोट करते हैं, तो भाजपा सरकार उनका शत प्रतिशत धान खरीदेगी. अमूल के नक्शे कदम पर डेयरी के विकास के लिए 150 करोड़ निश्चित किए गए हैं.

महिला पुलिस स्टेशन

समाजवादी पार्टी के घोषणा-पत्र की तरह भाजपा ने भी युवाओं और औरतों को यथोचित महत्व दिया है. भाजपा ने बीए तक सभी लड़कियों को निशुल्क शिक्षा का वादा किया है. लड़कों के लिए बारहवीं तक शिक्षा निशुल्क रहेगी. पार्टी ने विधवाओं को 1000 रुपए मासिक पेंशन देने का वादा किया है. कहा कि इसके लिए कोई उम्र-सीमा नहीं रखी जाएगी. 

घोषणा-पत्र हर जिले में तीन महिला पुलिस स्टेशन का वादा करता है. इसके लिए तीन बटालियनें दलित आइकोन-अवंती बाई, झलकारी देवी और उदा देवी के नाम से रखी जाएंगी. अगर वह सत्ता में आती है, तो पार्टी ने गरीब परिवारों में बेटी के जन्म पर 5000 रुपए देने का वादा किया है. 

घोषणा-पत्र ‘ना गुंडाराज, ना भ्रष्टाचार’ सेक्शन भ्रष्ट को सजा देने के लिए और अवैध खनन को खत्म करने के लिए कर्मी दल की व्यवस्था का वादा करता है. भ्रष्टाचार के सबसे बड़े स्रोत के रूप में भरती का उदाहरण देते हुए शाह ने कहा कि तीसरी और चौथी श्रेणी पदों के लिए इंटरव्यू खत्म कर दिए जाएंगे. 

शाह ने कहा कि जमीन हड़पने के विरोध के लिए कर्मी दल की व्यवस्था की जाएगी क्योंकि सपा शासन में भूमि हड़पना कष्टकारी हो गया था. घोषणा-पत्र ने युवाओं के लिए कौशल के विकास पर जोर दिया है और स्टार्ट-अप्स को उद्योग खोलने के लिए 1000 रुपए की राशि देने का वादा किया है. 

वोट-बैंक टार्गेट

मायावती के वोट-बैंक को टार्गेट बनाने के लिए गरीब, दलितों और ओबीसी को छात्रवृत्ति देने के लिए बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर 500 करोड़ की राशि रखी गई है. दलित महिला आइकोन के नाम से बटालियन के नाम भी मायावती को लक्षित थे. 

लोकप्रियता के मद्देनजर, सपा ने निशुल्क प्रेशर कुकर और स्मार्ट फोन देने का वादा किया, जबकि भाजपा घोषणा-पत्र में गरीबों को निशुल्क एलपीजी सिलेंडर देने का वादा है. गरीब कल्याण कार्ड देने का भी वादा है. यह निशुल्क स्वास्थ्य देखभाल और 2 लाख रुपए का बीमा उन लोगों का कवर करेगा, जो असंगठित सेक्टर में काम करते हैं. 

पावर सेक्टर में अखिलेश सरकार की विफलता की आलोचना करते हुए शाह ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार हर घर में चौबीस घंटे पावर सप्लाई सुनिश्चित करेगी, जिस तरह से गुजरात और भाजपा शासित अन्य राज्यों में किया था. उन्होंने कहा कि उपयोग की गई शुरुआती बिजली के लिए 3 रुपए प्रति यूनिट लिए जाएंगे. जब उनसे पूछा कि इन सब वादों के लिए पैसा कहां से जुटाया जाएगा, तो शाह ने कहा कि जल्द एक उचित बजट तैयार किया जाएगा. 

मुख्य विवाद

शाह तीन विवादास्पद मुद्दों को नहीं भूले. कैराना से हिंदुओं का पलायन, यूनीफार्म सिविल कोड और राम जन्मभूमि. कैराना से हिंदुओं के पलायन के संबंध में कानून और व्यवस्था को कमजोर बताते हुए उन्होंने क्षेत्र में ‘बदलती जनसांख्यकीय प्रोफाइल’ को ‘चिंताजनक’ बताया.

उन्होंने कहा कि कैराना जैसी कानून और व्यवस्था की समस्या को संभालने में मदद करने के लिए मौजूदा रिक्त स्थानों पर 1.5 लाख पुलिस वालों को लिया जाएगा. यूनीफार्म सिविल कोड के मुद्दे पर शाह ने कहा कि मुसलमान महिलाओं की राय सुनकर सर्वोच्च न्यायालय के पास भेजी जाएगी. अयोध्या में राम मंदिर के बारे में शाह ने कहा कि वह संवैधानिक रीति से बनाया जाएगा. शाह का दावा था कि यह घोषणा-पत्र करीब 30 लाख लोगों के विचार जाने के बाद बनाया गया है. 

First published: 30 January 2017, 7:50 IST
 
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