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3 बार दिल्ली की सीएम रही शीला के यूपी जाने से पहले जान लें उनसे जुड़ी कुछ बातें

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 July 2016, 18:21 IST

अफवाहें सही साबित हुईं और कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा कर दी. कांग्रेस ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और केरल की पूर्व राज्यपाल शीला दीक्षित को इसके लिए चुना है. 

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के महिला और ब्राह्मण कार्ड खेलने से विधानसभा चुनाव से पूर्व ही अन्य राजनीतिक दलों में गहमागहमी तेज हो गई है. हालांकि देखने वाली बात होगी कि भारतीय जनता पार्टी किसे अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए चुनती है.

अब जब यूपी चुनाव में कांग्रेस के सीएम कैंडीडेट के रूप में शीला दीक्षित को चुना जा चुका है, तो जानिए शीला दीक्षित से जुड़ी 11 रोचक बातेंः

  1. शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था. दिल्ली के जीसस एंड मेरी कॉन्वेंट से स्कूली शिक्षा पाने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से मास्‍टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री ली है. 
  2. शीला का ताल्‍लुक स्‍वतंत्रता सेनानी और पूर्व कें‍द्रीय मंत्री उमाशंकर दीक्षित के परिवार से है. शीला दीक्षित के पति विनोद दीक्षित आईएएस थे. शीला दीक्षित के दो बच्‍चे हैं, जिनमें से एक संदीप दीक्षित पूर्वी दिल्‍ली से सांसद हैं और उनकी बेटी का नाम लतिका सईद है. 
  3. 1984 से 1989 तक शीला दीक्षित ने सांसद के रूप में उत्तर प्रदेश के कन्‍नौज संसदीय क्षेत्र की अगुवाई की. 
  4. शीला दीक्षित ने महिलाओं की स्थिति पर यूनाइटेड नेशंस में पांच साल (1984 से 1989) तक भारत का प्रतिनिधित्‍व किया. 
  5. शीला दीक्षित ने कें‍द्र में 1986 से 1989 तक पहले संसदीय कार्य राज्‍यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के ऑफिस में राज्‍यमंत्री के रूप में काम किया.
  6. वह दिल्‍ली की दूसरी महिला मुख्‍यमंत्री थीं. उनसे पहले वरिष्‍ठ भाजपा नेता सुषमा स्‍वराज दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री रह चुकी हैं. शीला पहली बार साल 1998 में दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री बनीं. शीला दीक्षित लगातार तीन बार दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री रहीं. 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस ने उन्हें केरल का गवर्नर बनाया गया था.
  7. कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में भ्रष्‍टाचार के आरोप शीला दीक्षित पर भी लगे. कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स के दौरान स्‍ट्रीट लाइट घोटाले में सीएजी ने उन पर सवाल खड़े किए थे. 
  8. दिल्‍ली में बढ़ते अपराध के लिए यूपी-बिहार के लोगों के शामिल होने संबंधी बयान के कारण उनकी खूब आलोचना हुई.
  9. नवंबर 2009 में मनु शर्मा को पैरोल देने के मामले में शीला दीक्षित की जमकर आलोचना हुई. मनु शर्मा, मॉडल जेसिका लाल हत्‍याकांड का दोषी है. लेकिन शीला दीक्षित ने उसके पैरोल पेपर पर साइन कर दिए. दिल्‍ली हाईकोर्ट ने माना कि शीला दीक्षित ने मनु शर्मा को पैरोल देने में जल्‍दबाजी दिखायी. हाईकोर्ट की आलोचना के बारे में पूछने पर शीला दीक्षित ने कहा कि मेरे पास जो भी फाइल आती है, वह जायज तरीके से आती है और वे उस पर उसी तरह से कार्य करती हैं. 
  10. दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को हुए निर्भया गैंगरेप मामले में भी लोगों ने शीला सरकार और पुलिस की कड़ी आलोचना की और उन्हें इन घटनाओं के लिए नैतिक रूप से जिम्मेदार बताया.
  11. इससे पहले 2008 में हेडलाइंस टुडे की युवा महिला पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले में शीला ने कहा था, "लोगों को इतना एडवेंचरस नहीं होना चाहिए. वो एक ऐसे शहर में सुबह के तीन बजे अकेले गाड़ी चलाकर जा रही थी, जहां रात के अंधेरे में महिलाओं का निकलना बहुत सुरक्षित नहीं माना जाता, मुझे लगता है कि हमें थोड़ा एहतियात बरतना चाहिए. मैं सचमुच बहुत दुखी हूं." इस बयान के बाद शीला को तमाम संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा था. 

First published: 14 July 2016, 18:21 IST
 
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