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लखनऊ में मुलायम और अखिलेश की मुलाक़ात, लेकिन नहीं बनी बात!

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 January 2017, 11:57 IST
(फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी के घमासान में रोज नया मोड़ आ जाता है. हालांकि किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह कभी लगता है कि बात बन जाएगी और कभी लगता है कि सुलह के रास्ते बंद हो चुके हैं. 

मुलायम सिंह यादव सोमवार को दिल्ली से लखनऊ पहुंच गए. लखनऊ पहुंचते ही मुलायम ने एक बार फिर साफ किया कि उनके और अखिलेश यादव के बीच कोई विवाद नहीं है. इस बीच मंगलवार को एक बार फिर मुलायम और अखिलेश यादव के बीच बातचीत हुई. 

मुलायम सिंह के आवास पांच विक्रमादित्य मार्ग पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सुबह 10 बजे के बाद पहुंचे. दोनों के बीच पार्टी के विवाद पर इस दौरान चर्चा हुई. हालांकि सूत्रों के मुताबिक इस बातचीत में एक बार फिर कोई नतीजा नहीं निकल सका.

अखिलेश अध्यक्ष पद देने को राजी नहीं!

मंंगलवार को मुलायम और अखिलेश के बीच करीब पौने दो घंटे तक बातचीत चली. सूत्रों के अनुसार मुलायम सिंह ने अखिलेश के सामने अपना फॉर्मूला एक बार फिर रखा. अखिलेश को उन्होंने यकीन दिलाया कि चुनाव जीतने पर वही सीएम होंगे. 

मुलायम ने उन्हें सारी ताकत देने की बात रखी, लेकिन अध्यक्ष पद अपने पास रखने को कहा. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव इस पर तैयार नहीं हैं. अखिलेश ने कहा कि अगर उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़ दिया तो फिर अमर सिंह अपनी दखल देकर फिर कोई फैसला करा सकते हैं.

'अखिलेश ही बनेंगे सीएम'

इससे पहले मुलायम सिंह यादव ने सोमवार रात अपने रुख में नरमी दिखाते हुए कहा था कि अखिलेश यादव ही चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा होंगे. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में मुलायम ने कहा कि पार्टी टूटने का सवाल ही नहीं है. 

मुलायम ने कहा, "चुनाव के बाद अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री होंगे. पार्टी टूटने का सवाल ही नहीं है. हम सब एक हैं और जल्द ही चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे." 

साइकिल की जगह मोटरसाइकिल!

इससे पहले सोमवार को मुलायम सिंह यादव ने दिल्ली में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करके सपा पर अपना दावा ठोका था. मुलायम ने रामगोपाल यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि एक ही शख्स पूरे विवाद के पीछे है. वहीं खबर है कि अखिलेश खेमे की तरफ से रामगोपाल ने चुनाव आयोग से मांग की है कि साइकिल सिंबल न मिलने की सूरत में उन्हें मोटरसाइकिल चुनाव चिह्न दिया जाए. 

साथ ही अखिलेश खेमे ने मांग की है कि 17 जनवरी से पहले चुनाव आयोग सपा के बारे में अपना फैसला कर दे क्योंकि पहले दौर का नामांकन शुरू होने वाला है. यूपी में सात चरणों में 11 फरवरी से 8 मार्च के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं. वहीं वोटों की गिनती 11 मार्च को होगी.

First published: 10 January 2017, 11:57 IST
 
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