Home » उत्तर प्रदेश चुनाव » Naresh Agrawal on Amar Singh: Those having expertise in breaking party and family what would I say
 

अखिलेश Vs मुलायम: चुनाव आयोग में दोनों का आज आख़िरी दांव

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 January 2017, 12:40 IST
(कैच)

समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच अखिलेश और मुलायम समर्थक खेमे के बीच जुबानी जंग का दौर जारी है. कभी रामगोपाल यादव कोई बयान देते हैं, तो उस पर अमर सिंह का पलटवार आ जता है और कभी अमर के बयान पर नरेश अग्रवाल हमला बोल देते हैं. 

इस बीच खबर है कि मुलायम सिंह यादव के अलावा रामगोपाल यादव भी आज चुनाव आयोग पहुंच रहे हैं. मुलायम का आज चुनाव आयोग के दफ्तर जाना तो पहले से तय था, लेकिन ताजा घटनाक्रम के मुताबिक रामगोपाल यादव भी एक बार फिर दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंच रहे हैं. 

इस बीच सोमवार को अपने समर्थकों के दस्तखत वाला हलफनामा लेकर मुलायम सिंह यादव चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे. मुलायम के साथ अमर सिंह और शिवपाल यादव भी चुनाव आयोग के पास पहुंचे हैं.

साफ तौर पर दो खेमों में बंटी समाजवादी पार्टी के संग्राम में ताजा बयान आया है नरेश अग्रवाल का. अमर सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए नरेश अग्रवाल ने कहा, "जिनको पार्टी और परिवार तोड़ने में महारथ हासिल है उनके बारे में हम क्या कहें?" 

अमर सिंह ने इससे पहले नरेश अग्रवाल पर हमला बोला था. अमर ने कहा था कि एक नेता ऐसे हैं जिनकी अतीत में निष्ठा सभी पार्टियों के प्रति रही है.   

'हर बलिदान को तैयार'

अमर सिंह ने रविवार को कहा, "मैं मुलायम के लिए कुछ भी करने को तैयार हूं. मैंने इस्‍तीफा देने की कोशिश की और देने के लिए भी तैयार बैठा हूं. हर तरह का बलिदान देने को तैयार हूं. सारी विषमता और प्रतिकूलता का ठीकरा मुझ पर और भाई शिवपाल यादव पर फोड़ दिया गया है." 

साथ ही अमर ने यह भी कहा, "मैं और शिवपाल मिट्टी थे. जिस कुम्‍हार ने हमारा निर्माण किया, हमारी प्रतिमा बनाई वो मुलायम सिंह हैं. हम उसके दो बाजू हैं. मैं हाथ जोड़कर विनती करना चाहता हूं और क्‍या लोगे? त्‍यागपत्र देने को तैयार हूं. शिवपाल चुनाव लड़ने से हटने को तैयार हैं."

फाइल फोटो

इससे पहले रविवार को मुलायम ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के दफ्तर पर ताला लगवा दिया गया. साथ ही  उनके आदेश पर अखिलेश यादव की नेमप्लेट भी हटा दिया गया है. 

इस बीच मुलायम के सोमवार को चुनाव आयोग जाने से पहले शिवपाल यादव उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे. रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुलायम ने कहा था कि वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जबकि शिवपाल यादव प्रदेश अध्यक्ष. 

मुलायम ने इस दौरान कहा था कि रामगोपाल यादव को एक जनवरी का अधिवेशन बुलाने से पहले ही पार्टी से छह साल के लिए निकाला जा चुका था, लिहाजा उनका बुलाया गया राष्ट्रीय अधिवेशन असंवैधानिक है और उनको यह बैठक बुलाने का अधिकार ही नहीं था.

पत्रिका

वहीं रामगोपाल यादव ने शनिवार को 5731 में से 4716 सपा डेलीगेट्स, 200 विधायकों, 68 में से 56 एमएलसी, 24 में से 15 सांसदों का शपथपत्र चुनाव आयोग के दफ्तर में जमा किया था.

हलफनामों को 7 कार्टूनों में लाया गया था. इस दौरान रामगोपाल ने कहा था कि पार्टी के 90 फीसदी से ज्यादा विधायक अखिलेश यादव के साथ हैं और पहली नजर में असली समाजवादी पार्टी अखिलेश की है और साइकिल सिंबल पर हमारा अधिकार है.

First published: 9 January 2017, 12:40 IST
 
अगली कहानी