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    Home » Uttar Pradesh Election » Mulayam Singh: Ram Gopal Yadav wants All India Samajwadi Party demanded motorcycle symbol from EC
     

    मुलायम: अखिल भारतीय सपा बनाना चाहते हैं रामगोपाल, EC से मांगा मोटरसाइकिल निशान

    MULAYAM LUCKNOW SPEECH
    एएनआई

    समाजवादी पार्टी के विवाद में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब लखनऊ में मुलायम सिंह यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि रामगोपाल यादव अपने बेटे और बहू के कहने पर सपा को तोड़ना चाहते हैं. 

    लखनऊ में समाजवादी पार्टी के विक्रमादित्य मार्ग स्थित दफ्तर पर मुलायम ने कहा कि सपा का चुनाव चिह्न किसी सूरत में नहीं बदलेगा. समर्थकों को संबोधित करते हुए मुलायम ने कहा, "रामगोपाल तीन बार दूसरी पार्टी के अध्यक्ष से मिल चुके हैं. मुझे पता है. हम पार्टी को बचाना चाहते हैं." शिवपाल यादव भी मुलायम के साथ इस दौरान मौजूद रहे.

    रामगोपाल पर हमला करते हुए मुलायम ने कहा कि अपने बेटे और बहू के कहने पर वह समाजवादी पार्टी को तोड़ रहे हैं. वह अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी बना रहे हैं. चुनाव आयोग से इसके लिए उन्होंने मोटरसाइकिल चुनाव चिह्न मांगा है. गौरतलब है कि 13 जनवरी को चुनाव आयोग साइकिल सिंबल पर दोनों पक्ष के दावे की सुनवाई करने वाला है. 

    'एक शख्स पार्टी तोड़ने में लगा'

    मुलायम ने सपा दफ्तर में कार्यकर्ताओं से कहा, "पार्टी को खड़ा करने के लिए मैंने काफी कुछ सहा है, लाठियां खाई हैं. संघर्ष करने के बाद समाजवादी पार्टी बनी है. अखिलेश दो-ढाई साल के थे, तब मैं जेल गया था." 

    मुलायम ने पार्टी न टूटने की उम्मीद जाहिर करते हुए कहा, "कार्यकर्ताओं ने तकलीफ झेली, हमने भी काफी परेशानी का सामना किया. पार्टी की एकता के लिए हमने समय दिया. हमने हर कदम उठाया है. यह भी घोषित किया कि अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री होंगे. इससे ज्यादा मैं क्या कर सकता हूं?" 

    मुलायम ने रामगोपाल को निशाने पर लेते हुए कहा, "एक शख्स पार्टी को तोड़ने में लगा है, मैं सब जानता हूं, लेकिन हम नहीं चाहते कि पार्टी टूटे."

    'जो मेरे पास था, सब दे दिया'

    मुलायम ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा, "जो मेरे पास था, सब दे दिया. अब मेरे पास आप ही लोग हैं. हम किसी भी कीमत पर पार्टी को टूटने नहीं देंगे. जनता और कार्यकर्ता पार्टी को एकजुट रखेंगे."

    मुलायम ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कहा, "न हम अलग पार्टी बना रहे हैं, न सिंबल बदल रहे हैं. वो (विरोधी गुट) दूसरी पार्टी बना रहे हैं. मैंने उनको कहा कि विवाद में मत पड़ो. हम पार्टी में एकता चाहते हैं." 

    इससे पहले मंगलवार को भी मुलायम और अखिलेश के बीच करीब पौने दो घंटे तक बातचीत बेनतीजा रही थी. सूत्रों के मुताबिक मुलायम ने अखिलेश को सारे अधिकार देने का भरोसा दिया, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद अपने पास बने रहने को कहा. सूत्रों के मुताबिक अखिलेश राष्ट्रीय अध्यक्ष पद देने को राजी नहीं हैं. अखिलेश ने अंदेशा जताया कि दोबारा अध्यक्ष पद देने पर शिवपाल और अमर कोई गलत फैसला करा सकते हैं.

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