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मुलायम ने 5 जनवरी को बुलाया राष्ट्रीय अधिवेशन किया स्थगित

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 January 2017, 9:48 IST

सपा में चल रहा घमासान नए मोड़ पर पहुंच गया है. मुलायम सिंह ने पांच जनवरी को बुलाया पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन टाल दिया है. इससे पहले रविवार को रामगोपाल यादव की अध्यक्षता में हुए आपातकालीन अधिवेशन में अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का समेत पांच प्रस्ताव पास किए गए. 

रामगोपाल की इस घोषणा के बाद मुलायम सिंह यादव ने अधिवेशन को असंवैधानिक करार देते हुए इसमें लिए फैसलों को रद्द कर दिया. शिवपाल यादव ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी है कि पांच जनवरी का अधिवेशन स्थगित कर दिया गया है. 

'चुनाव तैयारियों में जुटें कार्यकर्ता' 

ट्वीट में शिवपाल ने लिखा है, "नेताजी के आदेशानुसार समाजवादी पार्टी का 5 जनवरी का अधिवेशन फिलहाल स्थगित किया जाता है." 

ट्वीट में आगे लिखा है, "सभी नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में चुनाव की तैयारियों में जुटें और जीत हासिल करने के लिए जी-जान से मेहनत करें."

किरणमय नंदा और नरेश अग्रवाल निकाले गए

रविवार के अधिवेशन में शामिल पार्टी महासचिव और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल के अलावा सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा को भी मुलायम ने निकाल दिया है. इस बारे में एक मुलायम सिंह की तरफ से रविवार को एक खत जारी किया गया. 

इस पत्र में लिखा है, "दिनांक एक जनवरी 2017 को आपने लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में पार्टी के असंवैधानिक 'आपातकालीन राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन' में हिस्सा लिया, जो पार्टी के संविधान के मुताबिक न केवल गैरसंवैधानिक है बल्कि पार्टी विरोधी गतिविधियों का भी परिचायक है." 

आगे पत्र में कहा गया है, "पार्टी के संविधान की धारा 14(2) आपके अवलोकनार्थ- राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रस्ताव अथवा राष्ट्रीय सम्मेलन के 40 प्रतिशत सदस्यों की मांग पर राष्ट्रीय सम्मेलन का विशेष अधिवेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष कभी भी बुलाया जा सकता है." 

'नेताजी को निकालने का हक नहीं'

इस फैसले पर किरणमय नंदा ने कहा है, "जिसकी कोई हैसियत नहीं है वो क्या किसी को निकालेंगे? कुछ लोग नेताजी को कन्फ्यूज करते हैं."

इस बीच पार्टी से निकाले जाने पर नरेश अग्रवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश हो गए हैं, तो फिर नेताजी को हमें निकालने का अधिकार नहीं रह गया. नेताजी को मानसिक रूप से कब्जा कर लिया गया है. वो चीजों को सोच नहीं पा रहे हैं." 

नरेश अग्रवाल ने कहा, "वो अपने शुभचिंतकों से दूर हो रहे हैं और उनके करीब वो लोग हैं जो उनको डिफेम करना चाहते हैं, बीजेपी के नजदीक दिखना चाहते हैं. मुझे निकालना दुर्भाग्यपूर्ण है. नेताजी का कदम पूरी तरह असंवैधानिक है. जो बाप अपने बेटे को पार्टी से निकाल सकता है, वो हमें निकाल दे तो कौन सी बड़ी चीज है. नई चीज नहीं है." 

'अमर-शिवपाल के कब्जे में नेताजी'

नरेश ने साथ ही कहा, "नेताजी ने पार्टी को बनाया लेकिन ऐसा नहीं है कि पार्टी में जो नेताजी (मुलायम) कहेंगे वही होगा. डेमोक्रेसी होती है." 

नरेश अग्रवाल ने इस दौरान पीएम मोदी की तारीफ करने को लेकर मुलायम पर निशाना भी साधा. नरेश अग्रवाल ने कहा, "नेताजी मोदी की तारीफ करना बंद करिए और अपने बेेटे की अगर तारीफ करिए तो वो ज्यादा अच्छा होगा. अमर सिंह जी और शिवपाल जी नेताजी को कब्जे में करे हुए हैं. नेताजी समझ नहीं रहे हैं." 

First published: 2 January 2017, 9:48 IST
 
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