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रामगोपाल यादव की चिट्ठी- शिवपाल चाहते हैं कि हर हाल में अखिलेश चुनाव हारें

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 October 2016, 11:40 IST
(फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी का फैमिला ड्रामा अपने क्लाइमेक्स पर है. नाराजगी, मान-मनौवल, चिट्ठी और इस्तीफों के इस हाई प्रोफाइल सियासी घमासान में अब पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव की नई चिट्ठी सामने आई है.

रामगोपाल को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खेमे का समर्थक माना जाता है. लखनऊ में लगातार बदलते घटनाक्रम के बीच समाजवादी परिवार शिवपाल और अखिलेश के खेमों में साफ बंटा नजर आ रहा है. चाचा और भतीजे की इस लड़ाई में परिवार के पितामह मुलायम सिंह यादव का भी कोई दांव नहीं कामयाब हो रहा.

पांच नवंबर को समाजवादी पार्टी की स्थापना की रजत जयंती (25 साल) मनाने के जश्न से पहले ही परिवार की जंग नए मोड़ पर है. हालत यह है कि अब तक सीएम अखिलेश यादव को इसमें शामिल होने के लिए राजी नहीं किया जा सका है.

अखिलेश की यात्रा रोकने की साजिश

शनिवार को लखनऊ में बीच का रास्ता निकालने की कोशिशें हुईं, लेकिन नतीजा सिफर रहा. सपा के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने अब एक नई चिट्ठी लिखकर विवाद को और सतह पर ला दिया है. 

सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित चिट्ठी में रामगोपाल यादव ने अखिलेश विरोधियों पर निशाना साधा है. दरअसल तीन नवंबर से अखिलेश समाजवादी विकास रथ यात्रा निकालने जा रहे हैं. 

चिट्ठी में रामगोपाल यादव ने लिखा है कि सुलह की कोशिश अखिलेश की यात्रा रोकने की साजिश है, लिहाजा सपा कार्यकर्ता अखिलेश के समर्थन में जुटें. 

ट्विटर

विधानसभा नहीं पहुंचेंगे अखिलेश विरोधी

इस चिट्ठी में रामगोपाल यादव ने आगे लिखा है कि अखिलेश विरोधी विधानसभा की चौखट तक नहीं पहुंच पाएंगे. रामगोपाल लिखा, "अखिलेश की यात्रा विरोधियों के गले की फांस बन गई है. मध्यस्थता करने वाले दिग्भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं. जहां अखिलेश हैं, जीत वहीं है."

चिट्ठी में शिवपाल यादव पर जमकर निशाना साधा गया है. रामगोपाल यादव ने लिखा, "हम चाहते हैं कि राज्य में समाजवादियों की सरकार बने, जबकि वो यानी (शिवपाल और उनके समर्थक) चाहते हैं कि हर हाल में अखिलेश चुनाव हारें. हमारी सोच पॉजिटिव है, जबकि उनकी सोच नकारात्मक है."

रामगोपाल ने लिखा है, "अखिलेश के साथ वो लोग हैं, जिन्होंने पार्टी के लिए खून-पसीना बहाया है, अपमान सहा है, जबकि उधर के लोग वो हैं, जिन्होने हजारों करोड़ रुपया कमाया है, व्यभिचार किया है और सत्ता का दुरुपयोग किया है."

पहले मुलायम को लिखी चिट्ठी

रामगोपाल यादव ने इससे पहले मुलायम सिंह को भी एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें लिखा गया कि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर आगे नहीं करना उन्हें कमजोर करना होगा. ऐसा करना पार्टी के हित में नहीं है.

इस चिट्ठी में रामगोपाल यादव ने लिखा था, "इस समय अखिलेश को आपके मजबूत साथ की जरूरत है. अखिलेश को सीएम चेहरे के तौर पर आगे नहीं करने से कार्यकर्ताओं और पार्टी कैडर में गलतफहमी फैलेगी जो हित में नहीं है."

नेताजी को बेटे से ज्यादा अमर पर भरोसा!

शनिवार को अखिलेश यादव के बागी तेवरों को देखते हुए सपा सुप्रीमो ने पार्टी के पांच वरिष्ठ नेताओं रेवती रमण सिंह, बेनी प्रसाद वर्मा, माता प्रसाद पांडे, नरेश अग्रवाल और किरणमय नंदा को अखिलेश के पास भेजा, लेकिन अखिलेश नहीं माने.  

सूत्रों के मुताबिक डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में अखिलेश यादव अमर सिंह को लेकर खासे नाराज दिखे. अखिलेश ने इस दौरान पार्टी के नेताओं से कहा कि उनके पिता मुलायम सिंह यादव आज कल बेटे से ज्यादा अमर सिंह पर भरोसा कर रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि जब तक उनके उठाए गए मसलों को हल नहीं किया जाता, तब तक वह झुकने को तैयार नहीं हैं.

यादव कुनबे में मचे घमासान के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि सीएम अखिलेश यादव पांच नवंबर को सपा के रजत जयंती समारोह में शामिल होते हैं या नहीं.

First published: 23 October 2016, 11:40 IST
 
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