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रामगोपाल बोले- 'अखिलेश की लोकप्रियता से जलते हैं मुलायम, सपा की गुंडा पार्टी की छवि बदली'

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 October 2016, 12:40 IST
(फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी के पारिवारिक विवाद में प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव को सीधे निशाने पर लिया है. इससे पहले अपनी चिट्ठी में भी रामगोपाल ने मुलायम को आसुरी प्रवृत्तियों से घिरा बताया था.  

सपा से छह साल के लिए निकाले जा चुके रामगोपाल यादव ने कहा, "सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव अपने बेटे अखिलेश यादव से जलते हैं." 

'अमर सिंह की तारीफ मूर्खतापूर्ण'

अमर सिंह का पक्ष लेने पर मुलायम से नाराजगी जताते हुए रामगोपाल यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "अमर सिंह की प्रशंसा करने वाली टिप्पणी मूर्खतापूर्ण है. मुलायम सिंह अखिलेश से जलते हैं और इसकी वजह अखिलेश का ज्यादा लोकप्रिय होना है." 

रामगोपाल यादव ने साथ ही कहा है कि अखिलेश यादव के बिना समाजवादी पार्टी की कल्पना ही नहीं हो सकती. क्योंकि वे अपने आप में पार्टी हैं.

रामगोपाल यादव ने इस दौरान कहा कि अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी की तस्वीर बदल दी है. उन्होंने कहा, "सपा की गिनती गुंडा पार्टी के रूप में भी बहुत से लोग करते थे, लेकिन सीएम अखिलेश यादव ने इस तस्वीर को बदल दिया है."

'सीबीआई के दबाव में नहीं हूं' 

शिवपाल यादव के इस आरोप कि रामगोपाल बीजेपी से मिले हुए हैं और उनका परिवार यादव सिंह घोटाले में शामिल है, रामगोपाल ने कहा, "मैं सीबीआई के किसी तरह के दबाव में नहीं हूं."

अमर सिंह पर हमला करते हुए रामगोपाल ने कहा, "जेल जाने से बचाने वाला मुलायम सिंह का बयान बेवकूफाना है. उन्हें ऐसा बयान देने से पहले सोचना चाहिए कि अमर सिंह ने सीबीआई को मैनेज किया."

रामगोपाल यादव अखिलेश यादव के समर्थक हैं. रविवार को उनकी एक चिट्ठी सामने आने से हड़कंप मच गया था. इस चिट्ठी में रामगोपाल ने लिखा कि जहां अखिलेश हैं वहां विजय है और उनके विरोधी विधानसभा का मुंह नहीं देख पाएंगे.

इस चिट्ठी में उन्होंने अखिलेश विरोधी खेमे पर हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार के अलावा व्यभिचार में शामिल होने का आरोप लगाया था. साथ ही कहा था कि सुलह की कोशिश का मकसद अखिलेश यादव की तीन नवंबर से होने वाली समाजवादी विकास रथ यात्रा को रोकना है.

चिट्ठी के बाद 6 साल के लिए निकाले गए

इस चिट्ठी के सामने आने के बाद पहले तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल यादव समेत चार मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया, वहीं दोपहर बाद ही शिवपाल ने रामगोपाल यादव पर सीबीआई जांच से बचने के लिए बीजेपी से मिलने का आरोप लगाया.

शाम को ही मुलायम सिंह के आदेश पर रामगोपाल यादव को समाजवादी पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया गया. रामगोपाल ने यह भी कहा है कि वे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से मुलाकात नहीं करेंगे.

First published: 25 October 2016, 12:40 IST
 
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