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बाग़ियों का तेवर मोदी और उनकी कैबिनेट को बनारस खींच लाया

आवेश तिवारी | Updated on: 4 March 2017, 18:51 IST

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर लगभग हर वक्त दिखने वाला आत्मविश्वास उतना नहीं बचा है. वो भीड़ में दिख रहे चेहरों से आंख मिलाते हैं. भीड़ हर हर मोदी के साथ साथ जय श्रीराम के नारे भी लगा रही है. अस्सी घाट पर जमा महिलाएं फूल बरसा रही हैं. भाजपा ने इन महिलाओं के घरों में सुबह ही फूलों की पंखुडियां बांटवाई हैं.

बागियों के तेवर से निस्तेज हो चुके भाजपा उम्मीदवारों के चेहरे प्रधानमंत्री के आगमन से खिले नजर आ रहे हैं. शहर दक्षिणी से भाजपा के उम्मीदवार नीलकंठ तिवारी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हो चुके हैं. वो कहते हैं कि जो कसर बची थी पीएम मोदी ने पूरी कर दी. बनारस की राजनीति को लंबे समय से कवर कर रहे धीरेन्द्र का कहना है कि हमें लगता है कि इस रोड शो से भारतीय जनता पार्टी अपने उन कार्यकर्ताओं को इकठ्ठा करने में कामयाब होगी जो पुराने नेताओं का टिकट काटे जाने से बेहद नाराज थी.

वो यह भी कहते हैं कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का तीन दिन तक बनारस में टिके रहने की खबर छोटी नहीं है, बीजेपी के लिए बनारस की जंग प्रतिष्ठा की जंग है हांलाकि यह लड़ाई आसान नहीं होगी.

2014 से कम भीड़

शनिवार को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बनारस में रोड शो कर रहे थे, ठीक उसी वक्त बनारस से लगभग सटे इलाकों में छठवें फेज की विधानसभा के लिए मतदान हो रहा था. निस्संदेह पीएम का रोड शो केवल बनारस के लिए नहीं बल्कि उन 49 सीटों के लिए भी था जहां मतदान हो रहा था.

अगर भीड़ को रोड शो की सफलता का माना जाए तो पीएम मोदी के रोड शो में भीड़ 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना मे कम थी लेकिन इसकी एक बड़ी वजह यह भी थी कि लोकसभा चुनाव में आस पास के जिलों से भी भारी संख्या में पार्टी समर्थकों को बुला लिया गया था. अस्सी, लंका और चौक में आम दिनों में भी भीड़ अपेक्षाकृत ज्यादा रहती है.

पीएम मोदी का रोड शो जब मदनपुरा और सोनारपुरा के मुस्लिम बहुल इलाकों से निकला तो वहां भारी संख्या में मुस्लिम भी खड़े दिखाई दिए. हांलाकि उनके हाथों में भाजपा का झंडा नहीं था. इसी भीड़ में मौजूद रियाज सिद्दीकी का कहना था कि यह सच्चाई है कि जब पीएम मोदी का रोड शो निकलता है तो उनको देखने के लिए भी भीड़ उमड़ती है लेकिन इस रोड शो के हुजूम को मतदाताओं की भीड़ नहीं माना जा सकता.

बीजेपी का बागी मैनेजमेंट

बनारस में जो स्थिति है उससे साफ़ लग रहा है कि अंतिम वक्त में भाजपा बनारस की लड़ाई में अपना सब कुछ झोंकने को तैयार खड़ी है. चुनाव से पहले भाजपा ने जो बनारस के लिए रणनीति बनाई थी उसमे यह तय किया था कि हर एक परिवार पर एक भाजपा कार्यकर्ता की ड्यूटी लगाई जायेगी लेकिन यह सच्चाई है कि कुछ वक्त पूर्व तक शहर दक्षिणी और वाराणसी कैंट विधानसभा में पार्टी को कार्यकर्ताओं के लाले पड़ गए थे.

लेकिन पीएम और कैबिनेट मंत्रियों के अलावा वरिष्ठ नेताओं के वाराणसी आने से स्थिति बदली है. पार्टी के एक स्थानीय नेता बताते हैं कि अमित शाह ने अपनी पूरी ताकत नाराज नेताओं को मनाने में लगा दी है. सभी नाराज नेताओं की कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक कराई जा रही है. साथ ही कोशिश हो रही है कि इन नाराज नेताओं को मनाया जाए और अगले दो दिनों में प्रचार को और गति दी जाए.

फिलवक्त तक़रीबन 17 केन्द्रीय मंत्री बनारस में हैं. काशी विश्वनाथ मंदिर से पहले मिले भाजपा नेता तिलकराज मिश्रा कहते हैं कि पीएम मोदी का रोड शो एक मिसाइल है, जिसमे समूचा विपक्ष तबाह हो जाएगा.

First published: 5 March 2017, 8:42 IST
 
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