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सपा संघर्ष: अखिलेश गुट ने चुनाव आयोग को सौंपा दस्तावेज

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 January 2017, 10:52 IST
(कैच)

उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, समाजवादी पार्टी में चुनाव चिन्ह 'साइकिल' को लेकर मुलायम सिंह और उनके मुख्यमंत्री बेटे अखिलेश यादव के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है.

साप में अखिलेश गुट ने पार्टी के साथ चुनाव चिन्ह पर कब्जा करने के लिए अपनी कवायद तेज कर दी है. इन्हीं प्रयासों के तहत अखिलेश गुट की ओर से उनके राजनीतिक सलाहकार की की भूमिका निभा रहे रामगोपाल यादव ने शनिवार को पार्टी के जन प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के हस्ताक्षर वाले हलफनामें चुनाव आयोग को सौंपे.

चुनाव आयोग ने सपा के आधिकारिक उत्तराधिकारी के चयन के संदर्भ में मुलायम और अखिलेश, दोनों गुटों से इन दस्तावेजों की प्रतियां सौंपने का आदेश दिया था.

बताया जा रहा है कि रामगोपाल यादव ने छह बक्सों में भरे 1.5 लाख पन्नों के इन कागजातों में 200 से अधिक विधायकों, 68 विधान परिषद सदस्यों में से 56 विधान परिषद सदस्यों, 24 सांसदों में से 15 सांसदों तथा 5,000 प्रतिनिधियों में से अखिलेश समर्थक करीब 4,600 प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं.

रामगोपाल ने आयोग को दस्तावेज सौंपने के बाद कहा, "अखिलेश यादव के साथ समाजवादी पार्टी के 90 फीसदी जन प्रतिनिधि और सदस्य हैं. इसलिए यह बिल्कुल साफ है कि अखिलेश ही असली सपा हैं. इसलिए आयोग हमें चुनाव चिन्ह 'साइकिल' को आवंटित करे और अखिलेश के नेतृत्व वाली सपा को ही असली समझा जाना चाहिए."

वहीं अखिलेश गुट के इस कदम के बाद आज मुलायम सिंह भी दिल्ली आ रहे हैं और चुनाव आयोग जाकर अखिलेश गुट को जवाब देंगे. मुलायम के साथ उनके भाई शिवपाल यादव भी होंगे.

रामगोपाल यादव से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या अखिलेश के साथ सदस्यों के इतने भारी समर्थन का संज्ञान मुलायम सिंह को है, तो उन्होंने कहा, "अखिलेश के समर्थकों के हलफनामे का एक सेट हमने मुलायम सिंह यादव जी को उनके दिल्ली निवास पर भेजा था, लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया. अब सारे कागज उनके लखनऊ के पते पर भेजे जाएगें."

First published: 8 January 2017, 10:52 IST
 
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