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समाजवादी 'दंगल' में अखिलेश नेताजी को 'साइकिल' से उतार सकते हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 December 2016, 15:32 IST
(फाइल फोटो)

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में टिकट बंटवारे पर मचा पारिवारिक घमासान क्लाइमेक्स पर है. सियासी हलकों में यह चर्चाएं तेज हैं कि सीएम अखिलेश यादव सपा पर प्रभुत्व जमाने के लिए चुनाव आयोग का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं. 

सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे एक तकनीकी वजह भी है. सूत्र बताते हैं कि दरअसल समाजवादी पार्टी का रजिस्ट्रेशन रामगोपाल यादव के दस्तखत पर हुआ है. चूंकि रामगोपाल यादव अखिलेश के लिए अखाड़े में ताल ठोककर उतर चुके हैं. लिहाजा अखिलेश सपा के चुनाव चिह्न 'साइकिल' पर अपना दावा ठोक सकते हैं.  

इन सबके बीच टिकट बंटवारे पर अभी कोई बीच का रास्ता नहीं निकल सका है. जहां सपा की ओर से अब तक 393 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं, वहीं शुक्रवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बगावती तेवर दिखाते हुए 235 नामों की अपनी लिस्ट मीडिया में भेज दी. 

अखिलेश ने बुुलाई कैबिनेट बैठक

इन सबके बीच अंदरखाने से सुलह की कोशिशें भी जारी हैं. खबर है कि पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से मिलने के लिए पहुंचे हैं. इस बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दोपहर बाद हिंदुस्तान टाइम्स की संपादक सुनीता एरन से मुलाकात की. 

सीएम अखिलेश यादव ने इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक बुलाई है. जिसको लेकर भी चर्चाओं का दौर तेज है. जहां एक ओर चुनावी विश्लेषक समाजवादी पार्टी में टूट की आशंका जता रहे हैं. वहीं कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि मौजूदा हालात में न तो अखिलेश और न ही मुलायम अलग-अलग चुनाव लड़ने की जोखिम उठाना चाहते हैं. 

समाजवादी पार्टी में दो फाड़ होने की सूरत में विपक्षी पार्टियां (बसपा और भाजपा) सबसे ज्यादा फायदे में रह सकती हैं. इससे मुलायम और अखिलेश दोनों अंजान नहीं हैं. माना जा रहा है कि अखिलेश की तरफ से जारी लिस्ट अपने करीबियों को टिकट दिलाने के लिए दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है. 

'लगता है समझौता नहीं होगा'

तकरीबन 31 सीटों पर पेंच फंसा हुआ है. अखिलेश ने जहां अपनी लिस्ट में 171 सिटिंग विधायकों को जगह दी है, वहीं मुलायम की पहले जारी 325 उम्मीदवारों की लिस्ट में 176 मौजूदा विधायकों को टिकट मिला था. जाहिर है इनमें ज्यादातर सीटों पर दोनों ही लिस्ट में एक ही उम्मीदवार हैं. लेकिन अरविंद सिंह गोप, पवन पांडेय और रामगोविंद चौधरी की तीन सीटें विवाद की सबसे बड़ी वजह हैं.  

इस बीच अखिलेश खेमे के करीबी और वरिष्ठ सपा नेता रामगोपाल यादव ने सपा के घमासान पर कहा, "लोग नेताजी को गलत राय देकर मनचाहा फैसला करा रहे हैं. लगता है अब कोई समझौता नहीं होगा." 

मुलायम ने बुलाई प्रत्याशियों की बैठक

इससे पहले सपा के यूपी अध्यक्ष शिवपाल यादव ने एक बार फिर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की है. लखनऊ में सियासी अटकलों का बाजार गर्म है. कुछ जानकार मानते हैं कि शनिवार दोपहर बाद कोई बीच का रास्ता निकल सकता है. 

वहीं सपा सुप्रीमो ने 31 दिसंबर को सुबह साढ़े 10 बजे प्रदेश सपा कार्यालय 19 विक्रमादित्य मार्ग पर 2017 विधानसभा चुनाव के लिए घोषित सभी उम्मीदवारों की अहम बैठक बुलाई है. 

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First published: 30 December 2016, 15:32 IST
 
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