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शिवपाल यादव: 11 मार्च के बाद अपमान-उपेक्षा न हो तो हैं अखिलेश के साथ

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 February 2017, 14:51 IST
(एएनआई)

समाजवादी पार्टी में चाचा और भतीजे के बीच तकरार अभी शांत नहीं हुई है. शिवपाल यादव ने कहा है कि 11 मार्च के बाद अगर उनकी अपमान और उपेक्षा नहीं होती है तो फिर अखिलेश यादव के साथ हैं. शिवपाल ने कहा कि पार्टी और परिवार में विवाद के चलते उन्हें कई बार अपमान झेलना पड़ा. गौरतलब है कि 11 मार्च को यूपी चुनाव के नतीजे आएंगे.

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में शिवपाल ने अपने चुनाव क्षेत्र जसवंत नगर में मतदान के दौरान अपने खिलाफ साजिश का भी आरोप लगाया. शिवपाल यादव ने कहा, "कुछ बड़े लोगों के इशारे पर डीएम और एसएसपी ने जसवंतनगर में शांतिपूर्ण पोलिंग के दौरान लाठीचार्ज करवाया. मैं हमेशा जसवंतनगर से जीतता हूं. इस बार वहां बीजेपी प्रत्याशी के साथ कुछ लोग गैर-कानूनी गतिविधियां कर रहे थे. मुझे हराने के लिए उन्होंने साजिश रची. हर साजिश का जवाब मिलेगा." 

कांग्रेस उम्मीदवारों के प्रचार से इनकार 

शिवपाल ने कांग्रेस प्रत्याशियों का प्रचार करने से भी इनकार किया है. शिवपाल ने कहा, "वहां प्रचार नहीं करना चाहता हूं जहां कांग्रेस के प्रत्याशी लड़ रहे हैं. अगर नेताजी कहेंगे तो मैं सपा का प्रचार करूंगा. अभी इस बारे में ज्यादा कुछ सोचा नहीं है." 

शिवपाल ने साथ ही कहा, "मैं चाहता था कि नेताजी का सम्मान हमेशा रहे. मैं नेताजी के साथ हूं. उनका जो आदेश होगा वह ठीक है. अभी सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहा हूं तो सपा में ही हूं."

19 फरवरी को जसवंतनगर में मतदान के दिन शिवपाल के काफिले पर पथराव की घटना सामने आई थी. शिवपाल ने कहा कि जिन लोगों ने उन पर हमले करवाए हैं उन्हें ताकत कहां से मिली इसका खुलासा चुनाव के बाद हो जाएगा. शिवपाल और अखिलेश यादव के बीच लंबे अरसे से संबंध सामान्य नहीं हैं. यहां तक कि जसवंतनगर में वोट डालने के बाद अखिलेश यादव ने ये तो कहा था कि सपा को वोट दिया, लेकिन उन्होंने अपने चाचा का नाम तक नहीं लिया.

First published: 22 February 2017, 14:51 IST
 
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