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मुलायम सिंह ने अखिलेश और राम गोपाल को छह साल के लिए पार्टी से निकाला

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 December 2016, 18:13 IST
(फाइल फोटो )

समाजवादी पार्टी में टिकट बंटवारे को लेकर शुरू हुआ घमासान काफी नाटकीय घटनाक्रम में तब्दील हो गया. शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया. इससे पहले अखिलेश द्वारा 235 उम्मीदवारों की अलग लिस्ट जारी करने को लेकर मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश और चचेरे भाई रामगोपाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

लखनऊ में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने भाई शिवपाल यादव के साथ एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया. इसमें उन्होंने पार्टी में चल रही गतिविधियों की जानकारी देते हुए दोनों के खिलाफ कड़े कदम उठाए. 

मुलायम सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री नहीं समझ रहे हैं, रामगोपाल उनका भविष्य समाप्त कर रहे हैं. पार्टी मुखिया के अलावा किसी को भी नेशनल एग्जीक्यूटिव मीट बुलाने का अधिकार नहीं है. उन्होंने (राम गोपाल) ऐसा करके पार्टी के हितों को घोर नुकसान पहुंचाया है."

इसके बाद उन्होंने कहा, "हमारे लिए पार्टी सबसे प्रमुख है और इसकी रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है. अनुशासनहीनता के लिए राम गोपाल और अखिलेश को छह साल के पार्टी से निष्कासित किया जाता है."

उन्होंने आगे कहा, "मैंने अकेले ही पार्टी बनाई थी, इनका क्या योगदान है? राम गोपाल और अखिलेश यादव पार्टी खत्म कर रहे हैं. मैंने यह पार्टी बनाने के लिए बहुत मेहनत की है, इसमें उनकी क्या भूमिका थी? मैंने कड़ी मेहनत की और वे फल खाएं? मैं तय करूंगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा?"

इससे पहले मुलायम ने अखिलेश और राम गोपाल को नोटिस जारी किया था. इस कारण बताओ नोटिस में अखिलेश से पूछा गया है कि जब समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी थी तो अखिलेश ने अलग से लिस्ट जारी क्यों की.

नोटिस में मुलायम सिंह ने अखिलेश से पूछा है कि उम्मीदवारों की अलग लिस्ट क्यों निकाली गई और इसे अनुशासनहीनता की कार्रवाई मानते हुए क्यों न कार्रवाई की जाए. हालांकि, नोटिस का जवाब देने की समय सीमा तय नहीं की गई है.

अखिलेश के अलावा रामगोपाल यादव को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में मुलायम सिंह ने अपने भाई रामगोपाल से पूछा है कि आपने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर मीडिया में बयान क्यों दिया.

गौरतलब है कि अखिलेश ने गुरुवार (29 दिसंबर) को उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए 235 उम्‍मीदवारों की अपनी सूची जारी की थी. इसमें कई नाम मुलायम सिंह यादव की लिस्‍ट से अलग हैं. इसी से नाराज होकर मुलायम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. मुलायम सिंह यादव ने भी 393 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी.

अखिलेश ने जिन 235 विधानसभा सीटों से अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं उनमें 171 उम्मीदवार उन सीटों से हैं जिन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2012 में जीत दर्ज की थी. इसके अलावा 64 उम्मीदवार ऐसी सीटों से हैं जिन पर सपा का कब्ज़ा नहीं है.

मुलायम सिंह की लिस्ट आने के बाद जिन तीन मंत्रियों अरविन्द सिंह गोप, पवन पाण्डेय और रामगोविंद चौधरी पर रार छिड़ी थी, अखिलेश ने इन्हें भी अपनी सूची में शामिल कर उम्मीदवार घोषित कर दिया है. 

शिवपाल समर्थक पूर्व मंत्री जंगीपुर से ओमप्रकाश सिंह, फेफना से अम्बिका चौधरी को अखिलेश की लिस्ट में जगह नहीं मिली है. अखिलेश इन्हें पहले भी मंत्री पद से बर्ख़ास्त कर चुके हैं. अतुल प्रधान भी सरधना से टिकट पा गए हैं.

रामगोपाल के बगावती तेवर

शो कॉज़ नोटिस जारी होने के कुछ ही देर बाद रामगोपाल यादव ने एक पत्र जारी कर समाजवादी पार्टी की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की आपातकालीन बैठक बुलाई है. इसे सीधे-सीधे मुलायम सिंह और शिवपाल यादव के खिलाफ की गई कार्रवाई माना जा रहा है. गौरतलब है कि सपा का चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन और चुनाव चिन्ह रामगोपाल यादव के नामसे दर्ज है. लिहाजा आगे विवाद बढ़ने की सूरत में कानूनी लड़ाई शुरू हो सकती है. 

वहीं, पार्टी से अखिलेश यादव को निष्कासित करने की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री आवास के बाहर भारी तादाद में समर्थकों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने काफी प्रदर्शन किया. अपने मुख्यमंत्री के निष्कासन से समर्थक काफी नाराज थे.

First published: 30 December 2016, 18:13 IST
 
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