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सुलह नहीं कलह बढ़ी: दिल्ली में रामगोपाल तो लखनऊ में शिवपाल की उखड़ी नेमप्लेट

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:45 IST
(एएनआई)

समाजवादी पार्टी में पारिवारिक कलह अब आउट ऑफ कंट्रोल होती नजर आ रही है. मंगलवार और बुधवार को अखिलेश, मुलायम और शिवपाल के बीच बैठकों के बावजूद यादव परिवार का गृहयुद्ध भड़कता ही जा रहा है.

जहां एक ओर मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश को साफ कर दिया है कि प्रोफेसर रामगोपाल यादव को पार्टी में दोबारा शामिल नहीं किया जाएगा, वहीं सीएम अखिलेश भी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं.

सपा सूत्रों के मुताबिक अखिलेश ने नेताजी से कहा है कि जब तक रामगोपाल यादव की सम्मानजनक वापसी नहीं होती है, तब तक शिवपाल को भी कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा. यानी एक हाथ से दो दूसरे हाथ से लो वाली कहावत यहां चरितार्थ हो रही है.

इस बीच दोनों तरफ से मिल रहे संकेतों से साफ है कि अब सुलह नहीं कलह का नया दौर देखने को मिल सकता है. जहां एक ओर दिल्ली में समाजवादी पार्टी के दफ्तर में रामगोपाल यादव की नेमप्लेट उखाड़ दी गई, वहीं ऐसा ही कुछ लखनऊ में शिवपाल यादव के साथ हुआ है.

एएनआई

अखिलेश-मुलायम दोनों अड़े

दरअसल दिल्ली में समाजवादी पार्टी के दफ्तर में पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और कोषाध्यक्ष संजय सेठ के कमरे के बगल में रामगोपाल यादव का भी कमरा है, लेकिन मंगलवार को यहां उनके नाम की लगी प्लेट को उखाड़ दिया गया. इस बीच शिवपाल मंत्री वाला अपना सरकारी आवास खाली कर रहे हैं.

बुधवार सुबह बर्खास्त कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के आवास पर लगी नेम प्लेट भी उखाड़ दी गई है. इसे अखिलेश यादव के जवाबी कदम के तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल अखिलेश के रुख से अब साफ होता जा रहा है कि वह बिना रामगोपाल की वापसी के शिवपाल को कैबिनेट में दोबारा नहीं लेंगे.

ऐसे में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के सामने परिवार और पार्टी दोनों को बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है. शिवपाल ने बुधवार को आग में घी डालते हुए अखिलेश के करीबी मंत्री पवन पांडेय को समाजवादी पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया है.

शिवपाल ने इसके साथ ही उन्हें मंत्रिपरिषद से हटाने के लिए भी एक चिट्ठी सीएम अखिलेश यादव को लिखी है. दरअसल मंत्री पवन पांडेय पर सपा एमएलसी आशु मलिक से मारपीट का आरोप है.

First published: 26 October 2016, 1:06 IST
 
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