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आज़म की पहल के बाद मुलायम और अखिलेश की 3 घंटे तक चली बैठक ख़त्म

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 January 2017, 13:44 IST
(कैच)

समाजवादी पार्टी मेें मचे पारिवारिक घमासान को शांत करने के लिए आज़म ख़ान ने एक बार फिर पहल की है. सूत्रों के मुताबिक आज़म खान ने मंगलवार को मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच फोन पर बात कराई. इसके बाद मुलायम सिंह दिल्ली से लखनऊ पहुंचे. 

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लखनऊ में पांच विक्रमादित्य मार्ग स्थित मुलायम सिंह यादव के आवास पर दोपहर एक बजे पहुंचे. जहां दोनों के बीच सपा में चल रहे विवाद पर बातचीत हुई. तकरीबन शाम चार बजे मुलायम और अखिलेश की यह बैठक खत्म हो गई. सूत्रों के मुताबिक सुलह के आसार कम नजर आ रहे हैं. हालांकि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.

सुलह के आसार कम

सूत्रों के मुताबिक बातचीत में यह सहमति बनाने की कोशिश की गई कि अखिलेश यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद मुलायम सिंह यादव को सौंप दें. इसके एवज में अखिलेश को सीटों का बंटवारा अपनी पसंद से करने का हक देने पर चर्चा हुई. लेकिन यूपी की राजनीति को करीब से देखने वाले मानते हैं कि अब समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है और अखिलेश राजधर्म का अनुसरण करेंगे. 

दोपहर बाद मुलायम की मौजूदगी में चल रही इस बैठक में शामिल होने के लिए शिवपाल यादव भी पहुंचे. सपा के वरिष्ठ नेता अंबिका चौधरी ने भी बातचीत के दौरान शिरकत की.

आजम की मध्यस्थता में चल रही इस बैठक में दोपहर करीब ढाई बजे शिवपाल शामिल हुए. समाजवादी पार्टी के सिंबल पर अखिलेश और मुलायम खेमे में टकराव के हालात हैं. आजम खान ने सोमवार को तकरीबन दोनों के बीच दस मिनट तक फोन पर बात कराई. 

'खुदाई को छोड़कर हर चीज मुमकिन'

इसके बाद सुलह का ताजा दौर शुरू हुआ है. मीडिया से बातचीत में आजम खान ने कहा कि वह चाहते हैं कि समाजवादी पार्टी में सब ठीक हो जाए. आजम ने कहा, "खुदाई को छोड़कर कोई भी चीज मुमकिन है. पिछले कुछ दिनों में जो कुछ हुआ, उससे निराश हूं, लेकिन उम्मीद है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा." 

आजम ने कहा कि पहली बार जब उन्होंने रविवार को सुलह की कोशिश की थी, तो उनका जोर इस पर था कि अखिलेश और रामगोपाल यादव का निष्कासन रद्द हो. जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बार सुलह की कोई संभावना है तो आजम ने जवाब दिया, "कोई भी चीज असंभव नहीं है. कुछ भी संभव है."

'अखिलेश के साथ 90 फीसदी विधायक'

सोमवार को जहां मुलायम सिंह ने सपा के चुनाव चिह्न साइकिल को लेकर अपना पक्ष रखा, वहीं अखिलेश कैंप की तरफ से रामगोपाल यादव और नरेश अग्रवाल ने चुनाव आयोेग में समाजवादी पार्टी पर अपना दावा ठोका. चुनाव आयोग के दफ्तर से बाहर निकलते हुए रामगोपाल ने कहा कि असली समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ही हैं. 

रामगोपाल ने इस दौरान कहा कि पार्टी के 229 में से 220 विधायकों का समर्थन अखिलेश को हासिल है. इसके अलावा कार्यकारिणी के भी 80 से 90 फीसदी सदस्य अखिलेश यादव के साथ हैं, लिहाजा समाजवादी पार्टी और उसके निशान साइकिल पर अखिलेश का दावा ही मजबूत है.

First published: 3 January 2017, 13:44 IST
 
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