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सपा विवाद: साइकिल सिंबल पर 13 जनवरी को चुनाव आयोग करेगा फैसला!

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 January 2017, 16:54 IST
(समाजवादी पार्टी)

समाजवादी पार्टी में साइकिल पर मचा घमासान चुनाव आयोग के दर पर है. सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के साथ ही अखिलेश यादव खेमे ने भी समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न साइकिल पर अपना दावा ठोका है. 

सपा के इस विवाद में दोनों पक्ष अपनी तरफ से समर्थक विधायकों, सांसदों और कार्यकारिणी सदस्यों के दस्तखत वाले हलफनामे चुनाव आयोग को सौंप चुके हैं. खबर है कि इस विवाद में 13 जनवरी को चुनाव आयोग में अहम सुनवाई होगी. 

सपा के अखिलेश खेमे ने मांग की थी कि 17 जनवरी को यूपी में पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने वाली है, लिहाजा साइकिल चुनाव चिह्न को लेकर विवाद का निपटारा जल्द कर दिया जाए. 13 जनवरी यानी शुक्रवार को चुनाव आयोग मुलायम और अखिलेश खेेमे के दावे पर सुनवाई करेगा. फिलहाल अंतिम फैसला आने की उम्मीद कम है, लेकिन माना जा रहा है कि चुनाव आयोग कोई अंतरिम फैसला इस हफ्ते सुना सकता है.

अखिलेश यादव खेमे ने दावा किया है कि सपा के 90 फीसदी प्रतिनिधि उनके साथ हैं. (पत्रिका)

साइकिल पर क्या फैसला मुमकिन?

1. चुनाव आयोग इस बात की जांच परख भी करेगा कि पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी या संसदीय बोर्ड के कितने सदस्य, विधायक, सांसद के अलावा पार्टी के कितने उम्मीदवार साथ हैं? चूंकि मुलायम की लिस्ट के समानांतर अखिलेश ने भी सूची जारी की. इसलिए यह भी तथ्य ध्यान में रखाी जाएगा. हालांकि अखिलेश के यहां ज्यादातर विधायक और उम्मीदवार पहुंचे थे.  

2. रामगोपाल यादव के आपातकालीन अधिवेशन के बाद अब सवाल ये है कि असली समाजवादी पार्टी कौन है, वह जिसके अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं या वह जिसका दावा मुलायम सिंह यादव कर रहे हैं. चुनाव आयोग इसका फैसला करेगा. लेकिन पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी का कहना है कि ऐसे में सिंबल फ्रीज होने के ज्यादा आसार हैं.

3. इस मामले में दोनों पक्ष कोर्ट भी जा सकते हैं. एस वाई कुरैशी का कहना है कि ऐसे मामलों का निपटारा करने में आयोग को तकरीबन चार से पांच महीने लग सकते हैं, यानी यूपी विधानसभा चुनाव के बाद ही अंतिम फैसला मुमकिन है. 

4. एसवाई कुरैशी के मुताबिक चूंकि अब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में अस्थाई नाम और सिंबल के साथ अखिलेश और मुलायम गुट को चुनाव में उतरना पड़ सकता है. कुरैशी का कहना है कि दोनों धड़ों को समाजवादी पार्टी (अखिलेश) और समाजवादी पार्टी (मुलायम) के नाम से चुनाव में उतरना पड़ सकता है और ऐसी सूरत में साइकिल चुनाव चिह्न से मुलायम और अखिलेश दोनों को महरूम रहना पड़ेगा. 

5. खबर है कि अखिलेश खेमे ने साइकिल सिंबल न मिलने की सूरत में मोटरसाइकिल निशान और प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी का विकल्प चुनाव आयोग से मांगा है. ऐसे में साइकिल चुनाव चिह्न तभी मिल सकता है जब दोनों में से कोई एक खेमा अपना दावा वापस लेने का फैसला करे.

First published: 10 January 2017, 16:54 IST
 
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