Home » उत्तर प्रदेश चुनाव » We have written a letter to UP CM to sack Pawan Pandey of the Ministerial position says Shivpal Yadav
 

आशु मलिक को थप्पड़ मारने के आरोपी अखिलेश के करीबी मंत्री पवन पांडेय सपा से बर्खास्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 October 2016, 10:54 IST
(फेसबुक)

समाजवादी पार्टी के पारिवारिक घमासान में सुलह के सारे रास्ते बंद नजर आ रहे हैं. ताजा घटनाक्रम में सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी मंत्री पवन पांडेय को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया है.

अयोध्या से विधायक और अखिलेश सरकार में वन राज्यमंत्री पवन पांडेय का नाम एमएलसी आशु मलिक विवाद में सामने आया था. आशु मलिक का आरोप है कि पवन पांडेय ने उनको कई थप्पड़ मारे थे. इस मामले को लेकर आशु मलिक ने शिकायत भी दर्ज कराई है.  

सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने मीडिया को फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को सपा की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निकाल दिया गया है.

मंत्री पद से हटाने के लिए सीएम को खत

शिवपाल ने साथ ही कहा, "हमने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक पत्र लिखा है, जिसमें एमएलसी आशु मलिक विवाद को लेकर पवन पांडेय को मंत्री पद से बर्खास्त करने को कहा गया है."

इससे पहले अखिलेश के करीबी एमएलसी उदयवीर सिंह को भी सपा से निकाल दिया गया था. उदयवीर ने एक चिट्ठी में मुलायम की दूसरी पत्नी साधना पर शिवपाल की मदद से अखिलेश के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था. उदयवीर ने अखिलेश को पार्टी की कमान सौंपने की भी मांग की थी.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पारिवारिक विवाद को लेकर शिवपाल से सवाल किया गया, तो उन्होंने एक बार फिर किसी तरह के झगड़े से इनकार करते हुए कहा, "परिवार में कोई विवाद नहीं है. पार्टी में कोई विवाद नहीं है. सब एक हैं."

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल 24 अक्टूबर को मुलायम सिंह यादव ने पार्टी नेताओं के साथ लखनऊ में पार्टी मुख्यालय में बैठक की थी. गाजियाबाद में रहने वाले और पार्टी के एमएलसी आशु मलिक का आरोप है कि पवन पांडेय ने सीएम आवास पर एक कमरे में उनके साथ मारपीट की थी.

बताया जा रहा है कि यह मारपीट इतनी बढ़ गई थी कि खुद सीएम अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को कमरे में जाकर बीच-बचाव कराना पड़ा था.

वहीं अखिलेश यादव ने सोमवार को हुई बैठक में मुलायम के सामने कहा था कि आशु मलिक की एक चिट्ठी अखबार में छपी, जिसमें उनकी तुलना औरंगजेब से की गई थी.

अखिलेश ने कहा कि अंग्रेजी अखबार के इस लेख में मुलायम को शाहजहां बताया गया. अखिलेश ने लेख छपने में अमर सिंह का हाथ होने का भी आरोप लगाया था.

कौन हैं पवन पांडेय?

पवन पांडेय का पूरा नाम तेज नारायण पांडेय है. लखनऊ यूनिवर्सिटी से छात्र राजनीति में सक्रिय तेज नारायण पांडेय 2005 में छात्रसंघ उपाध्यक्ष रह चुके हैं.

2012 के विधानसभा चुनाव में पवन पांडेय ने अयोध्या विधानसभा सीट से भाजपा के कद्दावर नेता लल्लू सिंह को मात दी थी. इससे प्रभावित होकर अखिलेश ने अपनी मंत्रिपरिषद में भी पवन पांडेय को जगह देते हुए मनोरंजन कर राज्यमंत्री बनाया था.

हालांकि लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट पर सपा की करारी हार के बाद पवन पांडेय का मंत्री पद छिन गया था, लेकिन कुछ समय बाद एक बार फिर अखिलेश ने उन्हें मंत्री बना दिया.

First published: 26 October 2016, 10:54 IST
 
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