Home » उत्तर प्रदेश चुनाव » SP manifesto promises electricity for all, big perks for youth & farmers
 

सपा का घोषणापत्र: दक्षिण भारत के राजनीतिक दलों का उत्तर भारतीय संस्करण

अतुल चंद्रा | Updated on: 23 January 2017, 16:39 IST

तथ्य: उत्तर प्रदेश में 1.40 करोड़ ऐसे वोटर्स हैं जो हाल ही में रजिस्टर्ड हुए हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भरोसा है कि वे सभी वोट देने जाएंगे और उनकी पार्टी आराम से 403 सदस्यों की विधानसभा में 300 सीटें जीत जाएगी.

सात चरणों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश ने रविवार को लखनऊ में पार्टी का घोषणापत्र जारी कर दिया.

घोषणापत्र के प्रारूप पर अगर एक नजर डालें तो आप पाएंगे कि इनमें मुफ्त सुविधाओं, मुफ्त खाने और मुफ्त स्मार्टफोन जैसी घोषणाओं की भरमार है. अखिलेश यादव उस राजनीति का प्रयोग बड़े पैमाने पर उत्तर भारत में करना चाहते हैं जो दक्षिण भारत के राजनीतिक दलों का बड़ा चुनावी हथियार रहा है. रंगीन टीवी से लेकर मुफ्त साइकिल और मुफ्त भोजन जैसे वादे दक्षिण भारत के राजनीतिक दल लंबे समय से करते आ रहे हैं.

पिछला चुनावी घोषणापत्र भी इसी तर्ज पर था. तब सपा ने सरकार बनने पर मुफ्त लैपटॉप और टैबलेट देने की घोषणा की थी

हालांकि सपा का पिछला चुनावी घोषणापत्र भी कमोबेश इसी तर्ज पर था. तब सपा ने सरकार बनने पर मुफ्त लैपटॉप और टैबलेट देने की घोषणा की थी. कुछ हद तक इन वादों को पूरा किया गया कुछ को भुला दिया गया. इस बार वादोंं की कड़ी और मजबूत हो गई है.

सपा में पिछले दिनों चले सत्ता संघर्ष को देखते हुए, यह देखना रोचक था कि घोषणापत्र में तो मुलायम और अखिलेश दोनों की तस्वीर मौजूद थीं लेकिन अध्यक्ष के रूप में पार्टी की कमान संभालने के बाद अखिलेश के इस पहले बड़े आयोजन में मुलायम सिंह यादव गैर मौजूद रहे. हालांकि आजम खान को उन्हें बुलाने के लिए अखिलेश ने विशेष रूप से भेजा पर वे नहीं आ सके. बाद में अखिलेश, डिंपल और आजम खान ने मुलायम सिंह के साथ उनके आवास पर एक बार फिर से मैनिफेस्टो को जारी करने की रस्म अदायगी की.

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दोनों मुख्य विपक्षी दलों भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने अपनी पूर्ववर्ती मायावती की सरकार को पत्थर—वाली सरकार कहा, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी जनता को यह समझाने के लिए कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले अच्छे दिन से आखिर उनका क्या मतलब था.

प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम और डिजिटल भुगतान के अभियान को आड़े हाथों लेते हुए अखिलेश ने कहा कि बिना मोबाइल और जरूरी बुनियादी ढांचे के यह सब एक नारे से अधिक और कुछ नहीं है. अखिलेश ने कहा उन्होंने जो लैपटॉप दिए थे उनको जरूर नेटबैंकिंग और डिजिटल भुगतान के लिए काम में लाया जा सकता है. इसलिए प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए उनकी पार्टी ने भाजपा से बेहतर काम किया है. अखिलेश ने कहा कि उनकी योजना के कारण आज प्रदेश के हर गांव और हर मोहल्ले में लैपटॉप मौजूद है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आगे भी प्रतिभाशाली छात्रों को लैपटॉप देना जारी रखेगी और अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो युवाओं को मुफ्त में स्मार्टफोन भी दिए जाएंगे.

जितने वादे किए उससे अधिक काम किया

पार्टी के घोषणा पत्र में लैपटॉप के वायदे के साथ शिक्षा में सुधार की बात भी कही गई है. दरअसल शिक्षा वह सेक्टर है जो कि इस सरकार के दौरान सबसे अधिक उपेक्षित रहा है और इसमें हर स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं.

वहीं अखिलेश ने कहा कि उन्होंने 2012 के घोषणापत्र में जो वादे किए थे उससे भी अधिक काम किया है.

अखिलेश ने कहा कि अगर वे फिर से सत्ता में आते हैं तो अपने विधायकों से अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए एक रोडमैप तैयार करवाएंगे जिसको आधार बना कर प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित करेंगे.

नए वादे

घोषणापत्र युवाओं, महिलाओं और किसानों को ध्यान में रखकर बनायी गई कल्याणकारी योजनाओं का एक मिश्रण है. घोषणा पत्र में कई नए वादे किए गए हैं:

  • गावों में एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाना.
  • किसानों के बीमार पशुओं के लिए घर पर ही इलाज उपलब्ध करवाना. साथ ही जरूरत पड़ने पर पशु को जानवरों के अस्पताल ले जाना.
  • कुपोषण से लड़ने के लिए बच्चों को प्रति माह एक लीटर देशी घी और एक किलो सूखा दूध पाउडर उपलब्ध करवाना.
  • कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए एक मुफ्त समाजवादी कुकर उपलब्ध करवाना, जिससे घर के काम में आसानी हो.
  • कमजोर वर्ग की महिलाओं को बस यात्रा पर 50 प्रतिशत किराया माफी.
  • जरूरतमंदों को फ्री चावल और गेहूं उपलब्ध करवाना.
  • जिनकी वार्षिक आय डेढ़ लाख रुपये से कम है उनको मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना.
  • प्रधानमंत्री न्यूनतम पेंशन स्कीम की तर्ज पर प्रदेश के करोड़ों वृद्ध लोगों को प्रतिमाह 1000 रुपये की पेंशन के साथ घोषणा पत्र में वृद्धाश्रम बनाने की बात भी कही गई है.
  • संकटग्रस्त किसानों की मदद के लिए एक किसान कोष की स्थापना.

बुनियादी ढांचा

बुनियादी ढांचे के अंतर्गत अखिलेश ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का विशेष रूप से उल्लेख किया. इसके साथ सभी जिला मुख्यालयों को बेहतर तरीके से राजधानी से जोड़ने के लिए चार लेन सड़कों का वादा किया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सभी गांवों तक बिजली पहुंचाने में उत्तर प्रदेश सरकार की असफलता की तीखी आलोचना की थी. इसके बाद पीएम एक पब्लिक मीटिंग में भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं.

इसके पूर्व राज्य सरकार ने दावा किया था कि प्रदेश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचा दी गई है. लेकिन केंद्र सरकार ने इसे खोखला दावा बताते हुए उन गांवों का आंकड़ा जारी किया था जहां अभी भी प्रदेश में बिजली नहीं पहुंची है.

अब घोषणापत्र में दावा किया गया है कि उनकी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी 16 से 18 घंटे बिजली दे रही है और अगले कार्यकाल में सभी गांव तथा बस्तियों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी.

घोषणापत्र में अल्पसंख्यकों में कौशल विकास तथा युवाओं में उद्यम कौशल के विकास पर जोर देने की बात कही गई है.

गांवों से पलायन रोकने के लिए सपा ने घोषणापत्र में एक्सप्रेस-वे के साथ क्लस्टर निर्माण की बात भी कही है जिससे ग्रामीण युवाओं में रोजगार की मांग को पूरा किया जा सके.

समय से पहले पूरे किए गए मेट्रो प्रोजेक्ट को अपनी सरकार की बड़ी सफलता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो नेटवर्क से प्रदेश के और भी कई शहर जोड़े जाएंगे.

First published: 23 January 2017, 16:39 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी