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मायावती: आरक्षण ख़त्म तो BJP की सियासत ख़त्म, पुत्र मोह में मुलायम का नाटक

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 January 2017, 13:35 IST
(एएनआई)

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरक्षण के मामले में मनमोहन वैद्य के बयान को लेकर भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधा है. इसके साथ ही मायावती ने यूपी की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को भी कठघरे में खड़ा किया. 

मायावती ने कहा, "आरक्षण का अधिकार संविधान के जरिए इस देश के दलितों और वंचितों को मिला है. लेकिन भाजपा और आरएसएस दलित विरोधी मानसिकता के चलते इसे खत्म करना चाहते हैं. अगर उन्होंने ऐसा किया तो चुनाव में दलित वर्ग उन्हें सबक सिखाकर उनकी राजनीति को खत्म कर देगा." 

'शिवपाल को बनाया बलि का बकरा'

मायावती ने इस दौरान यह भी कहा कि मुलायम सिंह यादव पुत्र मोह में अपने बेटे अखिलेश यादव के लिए नाटक कर रहे हैं. मायावती ने कहा कि सपा के विवाद में शिवपाल यादव को बलि का बकरा बनाया गया है. साथ ही बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यूपी की सपा सरकार के चेहरे पर 500 छोटे-बड़े दंगों के दाग हैं. लिहाजा सपा अखिलेश के दागी चेहरे को बचाने के लिए जनता का ध्यान भटका रही है. 

मायावती ने साथ ही कहा कि जिस तरह से कांग्रेस यूपी में सपा के साथ गठबंधन करना चाहती है, उससे उसका चेहरा भी बेनकाब हो गया है. बसपा सुप्रीमो ने कहा, "यूपी में कांग्रेस की हालत इतनी खराब है कि उन्हें रथ यात्रा और खाट सभा जैसे अभियान चलाने के बावजूद उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं."  एक नजर मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बातों पर:  

बड़ी बातें

  • सपा का शासन अराजक रहा है. क्‍या आप दागी चेहरों को वोट देंगे?
  • इस सरकार के कार्यकाल में गुंडागर्दी, सांप्रदायिक दंगे और अपराध बढ़े हैं.
  • सपा के शासन में प्रदेश में 500 छोटे-बड़े दंगे हुए हैं.
  • पुत्रमोह में मुलायम नाटक कर रहे हैं.
  • नाटकबाजी से मुलायम अखिलेश का दाग धोना चाहते हैं.
  • सपा में अंदरूनी कलह जना का ध्‍यान भटकाने के लिए किया गया.
  • प्रदेश में कांग्रेस पूरी तरह से ऑक्‍सीजन पर है.
  • सपा भी अब एक डूबती हुई नैया रह गई है.
  • अब सपा का सत्‍ता में लौटना असंभव है.
  • बीजेपी के साथ मिलकर सपा राज करने की कोशिश में है.
  • दंगों मेें शामिल बीजेपी नेताओं को सपा ने बचाया.
  • कांग्रेस ने दागी चेहरे को माना अपना नेता.
  • शिवपाल यादव को बलि का बकरा बनाया गया.
  • भाजपा और आरएसएस की मानसिकता दलित विरोधी है. 
  • अगर इन्होंने आरक्षण खत्म किया तो दलित-कमजोर तबका चुनाव में सबक सिखाएगा. 

First published: 21 January 2017, 13:35 IST
 
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