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'बहनजी' की पार्टी में 'भाई' मुख्तार अंसारी शामिल, मऊ सदर सीट से मिला टिकट

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 January 2017, 10:57 IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में पूर्वांचल के बाहुबली छवि के नेता मुख्तार अंसारी बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए हैं. लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती ने खुद उनके पार्टी में शामिल होने की घोषणा की. 

इसके साथ ही मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल का बसपा में विलय हो गया है. मुख्तार अंसारी को बसपा ने मऊ सदर विधानसभा सीट से टिकट दिया है. इसके पहले भी मुख्तार बसपा में रह चुके हैं. 

बेटे अब्बास को घोसी से टिकट

2009 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें वाराणसी सीट से टिकट दिया था. हालांकि वह भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी से चुनाव हार गए थे. इसके अलावा 1996 में भी वह पहली बार मऊ सीट से बसपा से विधायक बने थे.

बसपा ने मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी को भी घोसी विधानसभा सीट से टिकट दिया है. लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, "मुख्तार अंसारी बसपा में शामिल हो गए हैं. मुख्तार और उनके भाइयों ने बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन कर ली है."

'आरोप साबित नहीं हुए'

बसपा सुप्रीमो ने कहा, "इन पर (मुख्तार अंसारी) पर लगे आरोप अभी तक साबित नहीं कर पाए हैं, इस बात को ध्यान में रखकर पार्टी में उनको वापस लिया गया है." 

मायावती ने इस दौरान यह भी कहा कि बसपा में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग नहीं हैं लेकिन अगर कोई बीएसपी के बैनर तले सुधरना चाहता है तो हम उन्हें एक मौका देंगे."

सिबगतुल्लाह को मुहम्मदाबाद से टिकट

मुख्तार के बेटे अब्बास के साथ ही बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी को भी मुहम्मदाबाद सीट से बसपा का टिकट दिया गया है. मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साफ किया कि मुख्तार अंसारी पर ज्यादातर मुकदमे द्वेषवश दर्ज किए गए हैं. 

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि कृष्णानन्द राय हत्याकांड में मुख्तार के शामिल होने का आज तक कोई सबूत नहीं मिला है. मायावती ने कहा, "मेरी सरकार में किसी ने भी कुछ भी गलत काम करने की कोशिश की है तो मैंने उसे जेल तक भिजवाया है. सरकार बनने पर आगे भी इसी तरह की सख्ती बरती जाएगी." 

सपा से विलय में अखिलेश का अड़ंगा

मायावती ने साथ ही कहा, "बसपा सरकार के दौरान मैंने शातिर अपराधियों की बुरी संगत में पड़े लोगों को भी सुधारने का पूरा प्रयास किया. किसी भी समाज या किसी भी धर्म के प्रभावशाली व्यक्ति के उसके किसी विरोधी द्वारा जबरदस्ती गंभीर आरोप लगाकर जेल भिजवाया गया, तो उन्हें इंसाफ़ दिलाने की मेरी सरकार ने पूरी कोशिश की है." 

मुख्तार अंसारी अभी जेल में बंद हैं. पिछले साल जून में उनकी पार्टी कौमी एकता दल का सपा में विलय हो गया था. हालांकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विरोध के बाद मर्जर खटाई में पड़ गया. मुख्तार की आपराधिक छवि की वजह से अखिलेश ने उनको सपा में शामिल नहीं होने दिया. 

मुख्तार की पार्टी कौमी एकता दल पूर्वांचल के कई जिलों में अच्छा जनाधार रखती है. ऐसे में उन्हें बसपा में लेकर मायावती ने दलित-मुस्लिम समीकरण को मजबूत करने की कोशिश की है.

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First published: 27 January 2017, 10:57 IST
 
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