Home » उत्तर प्रदेश चुनाव » Rahul Gandhi and Akhilesh Yadav will address joint press conference in Lucknow
 

'यूपी को यह साथ पसंद है, अपने लड़के बनाम बाहरी मोदी'

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 January 2017, 11:21 IST

चुनाव में नारों की काफ़ी अहमियत होती है. सियासी पार्टियां इस बात को बखूबी समझती हैं. चाहे बात 2007 के चुनाव में बसपा के 'ब्राह्मण शंख बजाएगा हाथी बढ़ता जाएगा' नारे की हो या 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में भोजपुरी नारा 'बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है' की. तारीख़ गवाह है कि इन दोनों नारों का फायदा मायावती और नीतीश कुमार दोनों को मिला. 

इस बार उत्तर प्रदेश का चुनाव भी नारों और जुमलों से अछूता नहीं है. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच दोस्ती अभी ताज़ा है. इस गठजोड़ की गांठें मजबूत करने के लिए सियासी फ़िज़ाओं में नया नारा उछालने की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है. 

रविवार को अखिलेश-राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस

29 जनवरी को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जब मिलेंगे, तो उनकी दोस्ती को परवान चढ़ाने के लिए नया नारा तैयार है. कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सपा-कांग्रेस की दोस्ती को प्रदर्शित करता नया नारा 'यूपी को यह साथ पसंद है' बनाया है.   

लखनऊ के होटल विवांता में रविवार को अखिलेश और राहुल की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह नारा जारी किया जाएगा. 'बेबी को बेस पसंद है और यूपी को अखिलेश पसंद है' से मिलते-जुलते इस नारे के जरिए दोनों नेताओं को बतौर यूथ आइकन जनता के सामने पेश करने की तैयारी है. 

इससे पहले प्रशांत किशोर सपा-कांग्रेस के संयुक्त प्रचार के लिए एक और नारा 'अपने लड़के बनाम बाहरी मोदी' दे चुके हैं. इसके साथ ही सात चरणों के मतदान के दौरान हर चरण में राहुल और अखिलेश की दो संयुक्त रैली को संबोधित करने की भी तैयारी की जा रही है. यूपी की 403 विधानसभा सीटों में से सपा 298 जबकि कांग्रेस 105 सीट पर चुनाव लड़ रही है.    

First published: 28 January 2017, 11:21 IST
 
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