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यूपी चुनाव: जामा मस्जिद के शाही इमाम का मुस्लिमों को पैग़ाम, किसको न दें वोट?

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 10:45 IST

राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के बाद दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने यूपी चुनाव को लेकर मुस्लिम समाज से अपील की है. शाही इमाम ने मुस्लिमों से राजनीतिक विकल्प तलाशने को कहा है.  

एक तरीके से इमाम ने अपने बयान के जरिए सपा-कांग्रेस गठजोड़ को झटका देते हुए इशारोें में मायावती की पार्टी बीएसपी को समर्थन देने की बात कही है. बुखारी ने यूपी में मुस्लिम समाज की बदहाली के लिए लिए समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराते हुए एसपी के खिलाफ वोट देने की अपील की. 

उलेमा काउंसिल भी बसपा के साथ

साथ ही अहमद बुखारी ने यूपी की अखिलेश यादव सरकार से पूछा कि पांच साल में उनकी सरकार ने मुसलमानों को क्या दिया है. बुखारी से पहले उलेमा काउंसिल ने बसपा के समर्थन का एलान किया था. 

काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अमीर राशिद ने बसपा के महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती को समर्थन की घोषणा की थी. 

2012 में सपा का किया था समर्थन

2012 के विधानसभा चुनाव में शाही इमाम ने लखनऊ में मुलायम सिंह यादव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके समाजवादी पार्टी को समर्थन का एलान किया था. हालांकि इमाम बुखारी की अपील चुनाव में कितना असर डालती है यह देखने वाली बात होगी. 

यूपी चुनाव में मुस्लिम वोट काफ़ी अहम माने जा रहे हैं. करीब 19 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले प्रदेश में सपा-कांग्रेस और बीएसपी दोनों की मुस्लिम वोट पर नज़र है. ऐसे में मुस्लिम फैक्टर काफ़ी अहम है. करीब 26 फीसदी आबादी वाले पश्चिमी यूपी में भी पहले और दूसरे चरण की वोटिंग में मुस्लिम वोट जिस तरफ जाएगा, उसकी जीत के आसार बढ़ने की उम्मीद है.

First published: 10 February 2017, 10:45 IST
 
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