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शिवपाल यादव का एलान- 11 मार्च को नतीजे आने के बाद बनाएंगे नई पार्टी

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 January 2017, 14:42 IST
(ट्विटर)

समाजवादी पार्टी के पारिवारिक घमासान में अभी चुनाव के बाद भी बहुत कुछ होना बाकी है. इटावा की जसवंतनगर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल करने के बाद शिवपाल यादव ने एलान किया है कि चुनाव के बाद नई पार्टी बनाई जाएगी. 

शिवपाल यादव ने नामांकन भरने के बाद कहा, "11 मार्च को नतीजे आएंगे, उसके बाद हम नई पार्टी बनाएंगे." दरअसल शिवपाल के इस बयान को पार्टी में एक तरीके से मुलायम और शिवपाल को किनारे लगाए जाने की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा सकता है. इससे पहले मीडिया में शिवपाल के लोकदल उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरने की खबर उड़ी थी. हालांकि शिवपाल ने बयान देकर इसे दरकिनार कर दिया था. 

'मेरे लोगों के टिकट काट दिए'

इटावा में यादव परिवार में विभाजन की लकीर साफ दिखाई देती है. 'मुलायम के लोग' नाम से समाजवादी पार्टी दफ्तर के बगल ही एक कार्यालय बनाया गया है. बताया जाता है कि इसके जरिए शिवपाल समर्थक लोग गोलबंदी कर रहे हैं.  

शिवपाल ने टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके लोगों के टिकट काट दिए गए हैं. आखिर अब वह कहां जाएं. शिवपाल ने साथ ही कहा कि उनके जिन समर्थकों के टिकट अखिलेश ने काट दिए हैं उनका चुनाव में वह अलग से प्रचार करेंगे.

'मरते दम तक नेताजी के साथ'

शिवपाल ने कहा, "अभी हमने पर्चा भर दिया है. कल तक बहुत सी अटकलें लगाई जा रही थीं. लेकिन आज हमने पर्चा सपा और साइकिल से भर दिया." 

शिवपाल ने मुलायम सिंह को अपना नेता बताते हुए कहा, "आज हम जो भी हैं नेताजी की वजह से हैं. बहुत से लोगों ने कहा है कि जो कुछ हैं नेताजी की वजह से हैं. उन्हीं लोगों ने आज नेताजी को अपमानित करने का काम किया है." 

बतैर लोकनिर्माण और सिंचाई मंत्री अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए शिवपाल ने कहा, "अभी जो सरकार चली थी पांच साल, हमारे विभाग क्या किसी से कम अच्छे चले." 

शिवपाल ने कहा, "हम जानते हैं कि समाजवादी पार्टी में भी भितरघात करने वाले लोग हैं. उनसे सावधान रहने की ज़रूरत है." खुद का बचाव करते हुए शिवपाल ने कहा, "हम केवल ग़लत काम रोक रहे थे. ग़लत काम का विरोध कर रहे थे. तब नेताजी और हमें निकाल दिया. जो चाहो मुझसे ले लो लेकिन नेताजी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते, मरते दम तक नेताजी के साथ रहेंगे उनका आदेश मानेंगे." 

'मेहरबानी हो गई टिकट दे दिया'

शिवपाल ने भावुक अंदाज में कहा, "मेहरबानी हो गई टिकट भी दे दिया. फॉर्म ए और बी दे दिया. वरना निर्दलीय ही लड़ना पड़ता." 

शिवपाल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "हम लोग तो ज्यादातर विपक्ष में रहे हैं. बीजेपी, बीएसपी और कांग्रेस को तब हराया है जब हमारे पास कोई साधन नहीं थे. आज से छह महीने पहले कांग्रेस की क्या हालत थी? केवल चार सीटें जीतने की. किसका फायदा किया. कांग्रेस का. टिकट हमारे लोगों का काटा."

मुलायम की नाराज़गी

दरअसल मुलायम सिंह कांग्रेस और सपा के गठबंधन के खिलाफ हैं. इसका खुलकर इजहार करते हुए उन्होंने कहा था कि चुनाव प्रचार में वह हिस्सा नहीं लेंगे. इसके साथ ही मुलायम ने कांग्रेस के हिस्से की 105 सीटों पर अपने समर्थकों से चुनाव लड़ने की अपील की है. 

मुलायम ने कहा था कि कांग्रेस से गठबंधन की कोई जरूरत नहीं है और उनकी पार्टी कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ती रही है. हालांकि पार्टी के विवाद में चुनाव आयोग से जीत के बाद सपा की कमान अब पूरी तरह से अखिलेश यादव के हाथ में है. लिहाजा मुलायम और शिवपाल दोनों सियासी रूप से किनारे लगा दिए गए हैं. 

शिवपाल ने ट्वीट किया, "जसवंतनगर, विधानसभा सभा 199 समाजवादी पार्टी प्रत्याशी साइकिल चुनाव चिन्ह से नामांकन किया. नेता जी के आशीर्वाद और आप लोगों के सहयोग से फिर ऐतिहासिक मतों से जीत मिलेगी."

First published: 31 January 2017, 14:42 IST
 
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