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यूपी में सपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन का एलान, अखिलेश के चेहरे पर लड़ेंगे चुनाव

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 January 2017, 13:48 IST
(एएनआई)

लंबे अरसे से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन के कयासों पर कांग्रेस पार्टी ने ब्रेक लगाते हुए गठजोड़ के बारे में बड़ा एलान कर दिया है. कांग्रेस के यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर मुहर लगा दी है. 

वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, "उत्तर प्रदेश के आने वाले चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन होगा." 

'अखिलेश की अगुवाई में गठबंधन'  

कांग्रेस नेता ने बिहार की तर्ज पर इस गठबंधन की पुष्टि करते हुए कहा, "आने वाले दिनों में सीटों समेत बाकी बातों पर फैसला हो जाएगा. अभी मैं यह कह सकता हूं कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन होगा." 

सोमवार को चुनाव आयोग से अखिलेश के पक्ष में फैसला आने के साथ ही यह बात तय हो गई थी कि जल्द ही गठबंधन के बारे में एलान होगा. गुलाम नबी आजाद ने अभी यह नहीं साफ किया है कि कांग्रेस को कितनी सीटें मिलेंगी, लेकिन माना जा रहा है कि 80 से 100 सीटें कांग्रेस के हिस्से में आना तय है. 

'महागठबंधन के बारे में सोचेंगे'

सूत्रों के मुताबिक चौधरी अजित सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल से भी गठबंधन को लेकर फाइनल दौर की बातचीत चल रही है. आरएलडी को 20 सीटें मिलने की संभावना है. 

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने इसके संकेत देते हुए कहा कि अभी यह कांग्रेस और सपा का गठबंधन है. आने वाले दिनों में हम महागठबंधन के बारे में सोचेंगे. 

पढ़ें: अखिलेश यादव: पिता पर जीत गर्व का विषय नहीं, कांग्रेस से गठबंधन का एलान जल्द

बिहार में जनता दल यूनाइटेड, आरजेडी और कांग्रेस का महागठबंधन कामयाब रहा था. विधानसभा चुनाव में इस महागठबंधन ने बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए को करारी मात दी थी. अब यूपी में इसी तर्ज पर महागठबंधन होने से अखिलेश यादव के दोबारा जीतने की संभावनाएं और प्रबल होेने की उम्मीद है.

दावेदारी वापस लेंगी शीला

इस बीच कांग्रेस की तरफ से यूपी चुनाव का चेहरा घोषित की गईं शीला दीक्षित की भी प्रतिक्रिया इस मामले में आई है. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शीला दीक्षित ने कहा कि मुझे अपनी दावेदारी वापस लेने में कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि चुनाव में हम मुख्यमंत्री के लिए दो चेहरों के साथ नहीं उतर सकते हैं. 

इससे पहले यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने भी कहा था कि कांग्रेस के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन का एलान जल्द होगा. अखिलेश ने यह भी कहा कि वह अपने पिता से संघर्ष नहीं चाहते थे, लेकिन पार्टी को बचाने के लिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा. 

पढ़ें: ...और समाजवादी पार्टी में मुलायम का अध्याय ख़त्म हो गया

अखिलेश यादव ने कहा, "पिता के साथ मेरे संबंध कभी नहीं टूट सकते. मेरा कभी उनसे कोई विवाद नहीं था. हकीकत यह है कि प्रत्याशियों की उनकी लिस्ट के 90 फीसदी नाम मेरी लिस्ट में भी हैं."

साइकिल और सपा अखिलेश की

गौरतलब है कि सोमवार को चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी के विवाद में अखिलेश यादव के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें समाजवादी पार्टी का अध्यक्ष माना. इसके साथ ही साइकिल सिंबल भी अखिलेश के पास बरकरार है. इस फैसले को विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. 

चुनाव आयोग फैसला आने के बाद अखिलेश यादव ने लखनऊ के चार विक्रमादित्य मार्ग स्थित पिता मुलायम सिंह यादव के आवास पर उनसे मुलाकात की. इस दौरान शिवपाल यादव भी थोड़ी देर के लिए मौजूद रहे थे. बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग का फैसला आने के बाद मुलायम ने अखिलेश को फोन करके बधाई दी, जिसके बाद अखिलेश उनसे मिलने पहुंचे. 

इस मुलाकात के बाद रात में नौ बजे के करीब अखिलेश ने मुलायम के साथ बातचीत करते हुए अपनी एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की. अखिलेश ने तस्वीर के साथ लिखा, "साइकिल चलती जाएगी...आगे बढ़ती जाएगी."

First published: 17 January 2017, 13:48 IST
 
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