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मायावती: 184 दलित-मुस्लिम और 106 ओबीसी उम्मीदवारों को मिलेगा टिकट

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 January 2017, 14:59 IST
(फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का एलान होने से ठीक पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने 403 सीटों को लेकर बड़ा एलान किया है. खास बात यह है कि मायावती ने दलित-मुस्लिम समाज के 184 उम्मीदवारों को टिकट देने की घोषणा की है. 

माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मायावती दलित-मुस्लिम समीकरण पर खास रूप से जोर दे रही हैं. हालांकि मायावती ने ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समाज से सबसे ज्यादा 106 प्रत्याशियों को टिकट देने का एलान किया है. 

पिछली बार 170 दलित-मुस्लिम को टिकट

2012 के विधानसभा चुनाव में मायावती ने 100 मुस्लिम और 70 दलित यानी कुल 170 उम्मीदवारों को टिकट दिया था. जबकि इस बार मायावती ने दलित-मुस्लिम समाज के 14 ज्यादा उम्मीदवारों को टिकट देने का एलान किया है. 

जानकार मानते हैं कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा ने खास रणनीति तैयार की है. जिसके तहत दलित-मुस्लिम केमिस्ट्री पर फोकस किया जा रहा है. हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने साफ किया कि बसपा सर्वसमाज को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है. 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि चुनाव के दौरान धर्म और जाति के आधार पर राजनीतिक पार्टियां वोट नहीं मांग सकती. पांच राज्यों (उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर) में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं.

ऐसे होगा बसपा का टिकट बंटवारा

यूपी में कुल विधानसभा सीट- 403

ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग)- 106

दलित- 87 

मुस्लिम- 97

ब्राह्मण- 66 

राजपूत- 36 

कायस्थ, वैश्य, पंजाबी समाज- 11

अहम बातें

1. मायावती के एलान के मुताबिक 403 सदस्यों वाली यूपी विधानसभा के चुनाव के लिए सबसे ज्यादा (106) टिकट अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी को दिए गए हैं.

2. मुस्लिम समाज के 97 और दलित वर्ग के 87 लोगों को 2017 के चुनाव में बसपा का टिकट मिलेगा. 

3. मायावती ने अभी जातिवार टिकटों के बंटवारे को लेकर फॉर्मूला बताया है. उम्मीदवारों के नाम का एलान अभी बाद में होगा.

4. बसपा सुप्रीमो ने साफ किया है कि विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी से कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा.

5. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार से दलित समाज नाराज है. रोहित वेमुला कांड को भुलाया नहीं जा सकता.

6. इसके साथ ही मायावती ने कहा कि आरक्षण को ठीक तरीके से केंद्र सरकार नहीं लागू कर रही है. ज्यादातर काम प्राइवेट सेक्टर को दिए जा रहे हैं.

'सर्वजन हिताय सर्जन सुखाय'

बसपा सुप्रीमो मायावती ने एलान किया कि विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी किस जाति के लोगों को कितने टिकट देगी. हालांकि मायावती ने जातिवादी राजनीति के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी सर्वजन हिताय सवर्जन सुखाय की नीति अपनाती है. 

इससे पहले 2007 के विधानसभा चुनाव में मायावती ने ब्राह्मण-दलित गठजोड़ के सहारे पहली बार बहुमत हासिल करने में कामयाबी पाई थी. बसपा को इस चुनाव में कुल 206 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. हालांकि 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बसपा को करारी शिकस्त दी थी. इस चुनाव में बसपा महज 80 सीटों पर सिमट गई थी. 

वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा को बड़ी हार झेलनी पड़ी थी. मोदी लहर में हुए इस लोकसभा चुनाव में बसपा का खाता भी नहीं खुल सका था. इस लिहाज से बसपा के लिए 2017 का विधानसभा चुनाव एक बड़ी चुनौती है.

First published: 3 January 2017, 14:59 IST
 
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