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चौथा चरणः मायावती के दुर्ग में इसबार किसका मैजिक

अतुल चंद्रा | Updated on: 23 February 2017, 8:11 IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीन चरण संपन्न हो चुके हें और प्रदेश के 75 में से 38 जिलों के मतदाता वोट डाल चुके हैं. कुल 403 विधानसभा सीटों में से 209 का भविष्य ईवीएम मशीनों के हवाले किया जा चुका है. चुनाव परिणाम 11 मार्च को घोषित किए जाएंगे.


23 फरवरी को होने वाले चौथे चरण के मतदान में 12 जिलों में मतदान संपन्न होगा. इनमें प्रतापगढ़, कौशाम्बी, इलाहबाद, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हम्मीरपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर और रायबरेली शामिल हैं. करीब 1.84 करोड़ मतदाता 680 उम्मीदवारों में से 53 विधायक चुनेंगे. इनमें से 116 उम्मीदवार आपराधिक रिकॉर्ड वाले हैं.

 

मोदी-अखिलेश के बीच जुबानी जंग


जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आती गई, प्रचार भौंडा होता चला गया. शीर्ष स्तर तक के नेताओं ने किसी तरह की जबानी एहतिहात बरतने की जरूरत नहीं समझी. धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार को यह कह कर साम्प्रदायिक रंग
दे दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कब्रिस्तानों के रख-रखाव के लिए तो करोड़ों रूपए खर्च कर दिए लेकिन श्मशान के लिए कुछ नहीं किया.


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने रमजान के महीने में निर्बाध पेयजल आपूर्ति का आश्वासन दिया लेकिन दिवाली पर ऐसी कोई सुविधा नहीं दी गई. उन्होंने कहा, ऐसा भेदभाव तो नहीं होना चाहिए. प्रधानमंत्री की पार्टी भाजपा को यहां 2012 के चुनाव में मात्र 5 सीटें जीत कर चौथा स्थान हासिल हुआ था. इसीलिए वे किसी भी प्रकार से वोटों का ध्रुवीकरण करने और समाजवादी पार्टी का सफाया करने की भरसक कोशिश कर रहे हैं.

 

निवर्तमान विधानसभा में सपा के 24 विधायक हैं. इसके अलावा इन दिनों भाजपा से कमतर दिखाई दे रही कांग्रेस की स्थिति पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा से बेहतर थी और उसके यहां से फिलहाल छह विधायक हैं और बसपा के 15, जो कि सपा के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं. पिछले चुनाव में यहां तीन सीटें निर्दलीयों को मिली थीं. बाहुबली रघुनाथ प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से चुनाव जीते थे.


मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री को जवाब देते हुए कहा कि बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन को गुजरात के ‘गधों’ का प्रचार नहीं करना चाहिए. उनका इशारा हाल ही आए गुजरात पर्यटन के नए विज्ञापन के वीडियो की ओर था, जिसमें अमिताभ कच्छ के रन के जंगली गधों के साथ नजर आ रहे हैं.

 

मायावती फैक्टर


चौथे चरण में जिन 12 जिलों में मतदान होने वाला है, उनमें से 7 बुंदेलखंड का हिस्सा हैं, जो कि सालों से सूखे की मार झेल रहा है. बुंदेलखंड के लोग सालों से राजनीतिक उदासीनता के शिकार हैं. 2009 के लोकसभा चुनाव से पूर्व बुंदेलखंड के लिए 8,000 करोड़ रूपए का फंड जारी किया गया था और केंद्र में कांगेस नीत यूपीए व राज्य में मायावती की सरकार; दोनों ही सरकारें इस फंड की उपयोगिता और अनुपयोगिता के मसले पर उलझती रहीं.

 

मायावती बुंदेलखंड को अलग राज्य घोषित करने की मांग करती आई हैं, हालांकि उनका इरादा क्षेत्र के विकास के बजाय वोट बटोरने का ज्यादा रहता है. मायावती को 2012 में अपने बुंदेलखंड राग का फायदा मिला और उनकी पार्टी ने 19 में से 7 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की. ये हैं-बांदा, झांसी, जालौन, ललितपुर, महोबा, हम्मीरपुर और चित्रकूट. सपा 5 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. अन्य 7 में से 4 तो कांग्रेस को मिली और तीन भाजपा को.

 

भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के अलावा यहां पार्टी की झांसी से सांसद व केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती के भरोसे वैतरणी पार करने की उम्मीद में है. इन जिलों में बसपा की अच्छी खासी मौजूदगी के चलते मायावती को उम्मीद है कि वह 2012 जितनी सीटें तो जीत ही जाएंगी.


यहां बसपा की इसी लोकप्रियता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मायावाती पर वार करने का कोई भी मौका नहीं चूक रहे, खास तौर पर आय से अधिक सम्पत्ति को लेकर वे मायावती को आड़े हाथ लेना नहीं भूलते. उरई की एक चुनाव रैली में उन्होंने कहा, बसपा मतलब ‘‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’’. जवाब में मायावती ने कहा, नरेंद्र दामोदर दास मोदी का मतलब है-‘नेगेटिव दलित मैन’.


भाजपा के लिए फिलहाल यहां 2012 में जीती सीटों से अधिक सीटें जीतना बड़ी चुनौती है और उसके लिए जरूरी है कि 2014 का मोदी मैजिक फिर से चल जाए.

 

रायबरेली का पेंच


इस चरण में रायबरेली सबसे महत्वपूर्ण सीट है. यहां प्रियंका गांधी और डिम्पल यादव को साझा चुनाव प्रचार करना था लेकिन प्रचार के अंतिम दिन यानी 21 फरवरी तक उन्होंने ऐसा कोई प्रचार नहीं किया. यहां चिचित्र बात यह है कि ऊंचाहार, रायबरेली और सरेनी पर सहयोगियों ने ही एक दूसरे के खिलाफ मैदान में उम्मीदवार उतार दिए हैं. अब देखना यह है कि इस चुनावी पिच पर दोनों दल मित्रतापूर्ण मुकाबला करेंगे या एक दूसरे को पटखनी देंगे.

First published: 23 February 2017, 8:11 IST
 
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