Home » उत्तर प्रदेश चुनाव » Allahabad SSP recommends cancellation of Atiq Ahmad's arms license in view of SHIATS controversy
 

यूपी: बाहुबली सपा नेता अतीक़ अहमद का छिनेगा हथियार !

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 December 2016, 11:59 IST
(फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता अतीक अहमद की मुश्किलें बढ़ गई हैं. समाजवादी पार्टी ने हाल ही में अतीक अहमद को कानपुर कैंट विधानसभा सीट से टिकट दिया है.

इलाहाबाद के एसएसपी ने जिलाधिकारी से अतीक अहमद का हथियार लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है. यह सिफारिश कुछ दिन पहले ही अतीक अहमद और उनके समर्थकों के एक शैक्षिक संस्थान में मारपीट करने के बाद की गई है. 

क्या है पूरा विवाद?

अतीक अहमद पर इलाहाबाद के नैनी स्थित सैम हिगिनबॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंस (शियाट्स) डीम्ड यूनिवर्सिटी में बंदूकधारी समर्थकों के साथ घुसकर तांडव मचाने का आरोप है.

14 दिसंबर को अतीक अहमद और उनके हथियारबंद समर्थकों ने डीम्ड यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और कर्मचारियों की पिटाई की थी. घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी करते हुए डीम्ड यूनिवर्सिटी ने यह आरोप लगाया है. 

परीक्षा के दौरान नकल का मामला

वहीं अतीक अहमद ने अपना एक वीडियो जारी करते हुए दावा किया था कि मारपीट का आरोप गलत है. इस मामले में पुलिस ने केस भी दर्ज किया था.

यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान बीटेक डेयरी के एक छात्र को नकल करते पकड़ा गया था. जिसके बाद छात्र को निष्कासित करते हुए एक केस दर्ज कराया गया था. 

निष्कासित छात्रों की पैरवी में आए अतीक

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपनी शिकायत में सैफ सिद्दीकी और शाकिब अहमद नाम के दो छात्रों पर शिक्षकों को धमकाने और बदसलूकी का आरोप लगाया. यूनिवर्सिटी का आरोप है कि अतीक अहमद इन्हीं छात्रों की पैरवी में आए थे. आरोपी छात्रों के साथ अतीक अपने 50 से ज्यादा समर्थकों के साथ कैंपस में घुस गए. 

डीम्ड यूनिवर्सिटी के पीआरओ रमाकांत दुबे का कहना है कि सपा नेता अतीक अहमद के संरक्षण में शिक्षकों और स्टाफ की पिटाई की गई. इस मामले में अतीक अहमद के अलावा 56 अन्य लोगों के खिलाफ यूनिवर्सिटी स्टाफ को धमकाने और पिटाई का केस दर्ज किया गया था.

अतीक़ का दागी अतीत

अतीक अहमद पहले अपना दल से जुड़े हुए थे, लेकिन 2004 के लोकसभा चुनाव से पहले अतीक सपा में शामिल हो गए. फूलपुर संसदीय क्षेत्र से अतीक ने लोकसभा का चुनाव जीत लिया.

25 जनवरी 2005 को इलाहाबाद में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या में अतीक का नाम सामने आया. राजू पाल ने अतीक के भाई अशरफ को विधानसभा उपचुनाव में मात दी थी. इस हत्याकांड में अतीक और उनका भाई अशरफ दोनों आरोपी हैं. 2007 में मायावती की सरकार आने के बाद अतीक अंडरग्राउंड हो गए थे.

2007 में सपा से निकाला

2007 में ही सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अतीक को पार्टी से निकाल दिया था. हालांकि 2012 में सपा की सरकार बनने के बाद अतीक एक बार फिर साइकिल पर सवार हो गए. 2014 के लोकसभा चुनाव में अतीक को श्रावस्ती लोकसभा सीट से सपा का टिकट मिला था, लेकिन वह चुनाव हार गए. 

1992 में इलाहाबाद पुलिस ने अतीक अहमद की हिस्ट्रीशीट जारी की थी. जिसमें बताया गया था कि अतीक अहमद के खिलाफ उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कौशाम्बी, चित्रकूट, इलाहाबाद ही नहीं बल्कि बिहार राज्य में भी हत्या, अपहरण, जबरन वसूली आदि के मामले दर्ज हैं. 

अखिलेश यादव को नापसंद अतीक

अतीक के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले इलाहाबाद में ही दर्ज हैं. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 1986 से 2007 तक ही अतीक के खिलाफ एक दर्जन से ज्यादा मामले केवल गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हुए. अतीक के खिलाफ कुल मिलाकर तकरीबन चार दर्जन मामले दर्ज हैं. 

हालांकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से दूरी बनाकर चलते हैं. इसी साल एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने करीब आने की कोशिश कर रहे अतीक अहमद को धक्का दे दिया था. वहीं यूपी सपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने मारपीट का ताजा विवाद सामने आने के बाद कहा था कि अगर अतीक दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.

हाल ही में इलाहाबाद में हुए एक शादी समारोह के दौरान अतीक के 12 साल के बेटे ने 11 राउंड फायरिंग की थी, जिसका वीडियो सामने आया था.

First published: 20 December 2016, 11:59 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी