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वरुण गांधी ने मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, स्वास्थ्य सेवाओं पर की ये टिप्पणी

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 January 2018, 16:20 IST

बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है. उन्होंने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि देश के किसी भी जिला अस्पताल में चले जाइए, अगर आंखों से आंसू न आए तो आप इंसान नहीं हैं.

सुल्तानपुर में कई योजनाओं का लोकार्पण करने गए वरुण गांधी ने कहा, ‘हम लोग आईएएस, आईपीएस, आईएफएस बना चुके हैं, क्या हमारे देश में कभी इंडियन मेडिकल सर्विस भी बनेगी. क्या एक इंडियन एजुकेशन सर्विस भी बनेगी. हमारे देश में दो लाख डॉक्टर बेरोजगार हैं इस समय. 50 फीसदी लोग ऐसे हैं जो अपना बेसिक मेडिकल एजुकेशन लेने के बाद एमडी तक नहीं पहुंच पाते.’

उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर खर्च किए जाने वाले बजट पर भी सवाल उठाया. वरुण गांधी ने कहा, ‘जीडीपी का केवल 2 फीसदी बजट स्वास्थ्य में खर्च होता है, उस देश का भविष्य कभी ठीक नहीं हो सकता. मैं चाहता हूं कि जीडीपी का 10 फीसदी शिक्षा पर खर्च हो और 10 फीसदी स्वास्थ्य पर खर्च हो. तभी इंसान की कीमत होगी हमारे देश में, उसके जीवन का एक अर्थ होगा.’

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौतों पर दुख जताते हुए वरुण ने कहा, ‘जब गोरखपुर कांड हुआ था तो मैंने अपनी आत्मा से सवाल किया था कि अब इस चीज का तोड़ क्या हो सकता है. मैंने सोचा कि जो 16 लाख लोगों ने मुझे अपने सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी दी है, उसे मुझे निभाना है. मुझे पहले उन 16 लाख लोगों की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरा करना है.'

आगे उन्होंने कहा, 'इस सुल्तानपुर ने इस देश को बहुत कुछ दिया है, प्रधानमंत्री दिए हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि सुल्तानपुर के जिला अस्पताल… या देश के किसी भी जिला अस्पताल में चले जाइए, तो आपकी आंख में अगर आंसू ना आ जाएं तो आप इंसान नहीं हैं. दो-दो माताएं एक ही बिस्तर पर एक साथ जन्म दे रही हैं. ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट जो देश का सबसे बड़ा अस्पताल है, उनका मानना है कि पचास फीसदी लोग पैसे के अभाव में, दवाओं के अभाव में छूटने के बाद एक साल के अंदर खत्म हो जाते हैं.’

First published: 21 January 2018, 16:20 IST
 
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