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मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी भाजपा नेताओं पर मेहरबान हुई योगी सरकार!

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 January 2018, 11:56 IST

साल 2013 में यूपी के मुजफ्फरनगर और उसके आसपास के इलाकों में एक ऐसी घटना घटी जिसने इंसान और इंसानियत को दहशत में डाल दिया था. अगस्त और सितम्बर महीने में हुए एक सांप्रदायिक दंगे ने 60 से ज्यादा लोगों को मौत के मुंह में धकेल दिया था. मानवता का कत्लेआम करने वाले इस दंगे में 40 हजार से अधिक लोग बेघर हुए थे.

मुजफ्फरनगर दंगे में भाजपा और अन्य पार्टियों के कई नेताओं का नाम आया था. इन नेताओं पर दंगा भड़काने और दंगाईयों को पनाह देने का आरोप लगाकर आपराधिक मामला दर्ज किया गया था. लेकिन खबर है कि वर्तमान की योगी सरकार इस मामले में आरोपी भाजपा नेताओं के खिलाफ लंबित मामलों को वापस ले सकती है. यह जानकारी राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र में मिली है.

बहरहाल पत्र में नेताओं के नाम का जिक्र नहीं है लेकिन उनके खिलाफ दर्ज मामलों की फाइल संख्या का जिक्र है. वहीं इन आरोपी नेताओं पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, नौकरशाहों के काम में बाधा डालने और उनको गलत तरीके से रोकने के लिए विभिन्न धाराओं के तहत मामला अदालत में चल रहे हैं.

गौरतलब है कि योगी सरकार के मंत्री सुरेश राणा, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बाल्यान, सांसद भारतेंदु सिंह, विधायक उमेश मलिक और पार्टी नेता साध्वी प्राची के खिलाफ मामले दर्ज हैं. जिलाधिकारी को पांच जनवरी को लिखे पत्र में उत्तर प्रदेश के न्याय विभाग में विशेष सचिव राजेश सिंह ने 13 बिंदुओं पर जवाब मांगा है जिनमें जनहित में मामलों को वापस लिया जाना भी शामिल है. वहीं पत्र में मुजफ्फरनगर के एसएसपी की भी रिपोर्ट मांगी गई है.

 

मुजफ्फरनगर दंगों पर बनी फिल्म का पोस्टर

बहरहाल पत्र में नेताओं के नाम का जिक्र नहीं है लेकिन उनके खिलाफ दर्ज मामलों की फाइल संख्या का जिक्र है. वहीं इन आरोपी नेताओं पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, नौकरशाहों के काम में बाधा डालने और उनको गलत तरीके से रोकने के लिए विभिन्न धाराओं के तहत मामला अदालत में चल रहे हैं.

यह था मामला

मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में कथित तौर पर एक युवती से छेड़छाड़ के बाद विवाद शुरू हुआ था. इसके बाद युवती के ममेरे भाईयों ने एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला था. जिसके परिणामस्वरूप दूसरे समुदाय के लोगों ने दोनों युवकों को मार दिया था. इसके बाद मामला भड़क गया था. इस दंगे में 60 लोग मारे गए थे और 40 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे.

First published: 21 January 2018, 11:56 IST
 
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