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राशन कार्ड बनाने का झांसा देकर विधवा को बनाया हवस का शिकार, ग्राम प्रधान समेत 13 लोगों को हुआ एड्स

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 January 2018, 10:39 IST

उत्तर प्रदेश के जिले गोरखपुर यानी प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद से एक और शर्मनाक खबर आई है. दरअसल यहां एक परिवार अपनी गुजर बसर कर रहा था. पति-पत्नी दोनों खुश थे लेकिन शादी के तीन साल बाद पति की एक बीमारी के चलते मौत हो गई. इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उसकी विधवा पत्नी पर आ गई.

लेकिन इस बीच ऐसा कुछ हुआ कि उसके कारण अब ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी समेत कुल 13 लोग एक जानलेवा बीमारी का शिकार हो गए हैं. गोरखपुर में थोक के भाव में डेढ़ दर्जन लोगों के एड्स रोगी होने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. इसके अलावा पूरे जिले में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है.

 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गोरखपुर के भटहट ब्लॉक की एक 28 वर्षीय महिला की छह साल पहले शादी हुई थी. शादी के तीन साल बाद पति की बीमारी के कारण मौत हो गई. महिला को मायके वालों का भी सहारा नहीं मिला. इसके बाद गरीब और बेसहारा मजबूर विधवा महिला ने गुजर-बसर के राशन कार्ड बनवाना चाहा. इसके लिए वह ग्राम रोजगार सेवक से मिली, रोजगार सेवन ने इस महिला को ग्राम प्रधान से मिलवाया.

इसके बाद महिला और लोगों के साथ जो हुआ वो बेहद चौंकाने वाला रहा. दरअसल, बेबस और बेसहारा अकेली महिला को पाकर ग्राम प्रधान की नीयत बिगड़ गई और महिला पर अपनी हवस वाली बुरी नजर गड़ा दी. हालांकि प्रधान ने सेक्रेटरी सहित कुल 13 लोगों के साथ मिलकर पहले महिला को राशऩ कार्ड और विधवा पेंशन दिलाने का झांसा दिया और फिर महिला का सभी ने बारी बारी से शारीरिक शोषण किया.

 

अक्सर महिला के साथ ऐसा होता रहा लेकिन जब तीन महीने पहले महिला बीमार पड़ी तो ग्राम प्रधान ने उसको एक डॉक्टर के पास भेजा. डॉक्टर की सलाह पर जब महिला की खून की जांच हुई तो पता चला कि वह एचआईवी संक्रमित है. इस बात से संदेह में आई विधवा ने दोबारा से गोरखपुर के बहुचर्चित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ब्लड टेस्ट कराया. यहां भी रिपोर्ट एचआईवी पॉजिटिव ही आई.

इस बात की जानकारी जब महिला का शारीरिक शोषण करने वालों को लगी तो सभी हक्के बक्के रह गए. बाद में डॉक्टर की सलाह के अनुसार रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान सहित सभी 13 लोगों ने मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर पर जांच कराई तो पता चला कि सभी लोग एचआईवी पॉजिटिव हैं. इस बाबत सभी लोगों और इलाके में हड़कंप मच गया.

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दैनिक हिंदुस्तान में छपी रिपोर्ट की मानें तो महिला के एचआईवी संक्रमित होने के बाद जब एआरटी सेंटर के कर्मियों ने उसकी काउंसिलिंग की तो सभी लोगों की पोल पट्टी खुल गई. डॉक्टर को महिला ने पूरी अपनी आपबीती कहानी सुनाई. महिला ने बताया कि किस तरह राशन कार्ड और विधवा पेंशन का झांसा देकर 13 लोगों ने उसकी अस्मत लूटी और आज ये नौबत आ गई.

First published: 31 January 2018, 10:35 IST
 
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