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झोलाछाप डॉक्टर के इलाज ने दिया 20 लोगों को जानलेवा HIV एड्स

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 February 2018, 12:20 IST

नीम-हकीम खतरा--जान वाली कहावत यूपी के उन्नाव में सच्चाई के रूप में देखने को मिली. यहां एक झोलाछाप डॉक्टर की वजह से कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई है. इस घटना से स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है. लेकिन इस झोलाछाप डॉक्टर का कोई पता नहीं है. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अज्ञात डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.

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क्या है पूरा मामला

दरअसल, उन्नाव के बांगरमऊ तहसील के कई गांव में पिछले साल नवंबर के महीने में एक एनजीओ ने हेल्थ कैंप लगाया था. इस कैंप में लोगों की जांच कराई गई. जांच में पता चला कि गांव के कई लोग एचआईवी के लक्षण पाए गए. इन लोगों को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया. वहां भी कई लोगों में संक्रमित की पुष्टि हुई

काउंसलिंग में हुआ मामले का खुलासा

सरकारी अस्पताल में काउंसलिंग के दौरान चौकाने वाला खुलासा हुआ. इस दौरान पता चला कि इस इलाके में एक झोलाछाप डॉक्टर लोगों का इलाज करता है. ये डॉक्टर एक ही इंजेक्शन को बार-बार कई मरीजों के लिए इस्तेमाल करता था. इससे यह बात समझ में आई कि इस झोलाछाप डॉ़क्टर ने वह इंजेक्शन किसी एचआईवी पीड़ित को लगाया होगा. इससे उसकी निडिल संक्रमित हो गई होगी होगी. उसके बाद उसी निडिल से वही इंजेक्शन दूसरे मरीजों को लगाया गया और वे सब एचआईवी संक्रमित हो गए.

दूसरे स्वास्थ्य कैंप में भी 40 लोग एचआईवी पॉजिटिव

मामले की पूरी रिपोर्ट जब जिले के बड़े अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने बांगरमऊ में पिछले महीने तीन अलग-अलग स्वास्थ्य कैंप लगवाए. यहां भी 500 से ज्यादा लोगों की जांच की गई. इस जांच में भी 40 लोगों में एचआईवी के लक्षण पाए गए. सूत्रों के मुताबिक अब तक यहां 20 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बाकी मरीज कानपुर के एआरटी सेंटर पर जांच करवा रहे हैं. जिन लोगों में इन्फेक्शन की पुष्टि हुई है, उनमें चार-पांच बच्चे भी हैं.

एचआईवी एड्स से सुरक्षा के उपाय  

एचआईवी एड्स से बचने के लिए असुरक्षित यौन संबंधों से बचकर रहना चाहिए. ज्यादातर लोगों में असुरक्षित यौन संबंध बनाने से ही एचआईव पॉजिटिव हो जाते हैं. वहीं एचआईवी के लिए खून दूसरा सबसे बड़ा खतरा है . इसलिए खून चढ़वाते वक्त ध्यान रखें कि इसकी जांच अच्छी तरह से की गई हो. अक्सर एचआईवी पॉजिटिव लोग अपना ब्लड डॉनेट कर देते हैं. ये खून जब दूसरे व्यक्ति को चढ़ाया जाता है तो वह व्यक्ति को भी एचआईवी पीड़ित हो जाता है. उपयोग की हुई सुइयों या इंजेक्शन का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए. इससे भी एचआईवी जैसी खतरनाक बीमारियां हो जाती है. वहीं दाढ़ी बनावाते के लिए भी नए ब्लेड का प्रयोग करें. यानि कभी दूसरे व्यक्ति के रेजर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ये भी एचआईवी के लिए प्रमुख कारण है.

First published: 5 February 2018, 11:23 IST
 
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