Home » उत्तर प्रदेश » After demonetization, UP government collected only 50 percent revenue
 

नोटबंदी का असर: यूपी सरकार के राजस्व में गिरावट, टैक्स वसूली 50 फ़ीसदी गिरी

अनिल के अंकुर | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
(फाइल फोटो )
QUICK PILL
  • 8 नवंबर को लागू हुई नोटबंदी के बाद उत्तर प्रदेश में इस महीने वसूले गए राजस्व की रिपोर्ट चौंकाने वाली है.
  • रिपोर्ट कहती है कि पिछले साल की तुलना में इस बार नवंबर के महीने में राजस्व की वसूली आधी हो गई है. 

एक महीने बाद नोटबंदी का असर अब साफ़-साफ़ दिखने लगा है. उत्तर प्रदेश सरकार के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक टैक्स वसूली में 50 फ़ीसदी की गिरावट आई है. मुख्य सचिव राहुल भटनागर के पास मौजूद रिपोर्ट कहती है कि एक्साइज़, सेल टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी समेत कर के तमाम स्रोतो में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. 

रिपोर्ट के मुताबिक इस साल नवंबर महीने में 1,104 करोड़ रुपए की वसूली हुई जो कि पिछले साल इसी महीने में हुई कमाई से आधी है. इस साल नवंबर के महीने में हुई वसूली अपने निर्धारित लक्ष्य से 30 प्रतिशत कम है. इसकी वजह सिर्फ यह है क्योंकि नोटबंदी के बाद देशी शराब और अंग्रेजी शराब की बिक्री में काफी कमी आई है.

लेनदेन में कमी

मंडी विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक नोटों की कमी होने से किसानों और व्यापारियों के बीच लेन-देन में भारी कमी आई है. मंडी शुल्क की वसूली में तकरीबन 45 प्रतिशत लक्ष्य कम रह गया है. यहां भी नोटबंदी का पूरा असर दिखा है. नगर निगम और जलकल विभाग की टैक्स वसूली भी पिछले साल की अपेक्षा 38 प्रातिशत कम हुई है. व्यापार कर विभाग के आयुक्त मुकेश मेश्राम की रिपोर्ट कहती है कि व्यापारियों पर इस नोटबंदी का काफी असर पड़ा है जिसके कारण व्यापार कर की वसूली में 49 प्रतिशत की कमी रह गई है. 

रजिस्ट्री भी हुई कम

स्टाम्प और निबन्धन विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने बताया कि लोगों द्वारा जमीन की रजिस्ट्री इतनी कम कर दी गई है कि करीब 47 प्रतिशत स्टाम्प बिक्री कम हुई है. अधिकारियों की चिंता है कि अगर यही हाल रहा तो जल्द ही यूपी सरकार के लिए संकट पैदा हो जाएगा. वहीं यूपी सरकार के प्रमुख सचिव राहुल भटनागर ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में अनुमान से कम आए राजस्व की वजह पर्याप्त नगदी नहीं होना है.

जानकारों के मुताबिक संभवत: बाजार में पैदा हुए नगदी के संकट के कारण यह गिरावट दर्ज हुई है. आने वाले समय में जब नगदी का प्रवाह सही होगा तब शायद राजस्व के आंकड़े भी सुधर जायं.

First published: 7 December 2016, 8:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी