Home » उत्तर प्रदेश » akhilesh yadav is ready to give extra seats to bsp in 2019 lok sabha election
 

भाजपा को राष्ट्रीय राजनीति से बाहर कर देगी अखिलेश यादव की ये चाल, लिया बड़ा फैसला

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 April 2018, 15:24 IST

साल 2019 में देश में लोकसभा चुनाव होने हैं. जहां एक तरफ सभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर करने के लिए तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद में जुड़ी हैं, वहीं यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने साल 2019 का चुनाव साथ लड़ने की बात कही है.

कोई भी पार्टियां भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहतीं. इसी के तहत सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा है कि वह बीजेपी को हराने के लिए बसपा को अतिरिक्त सीटें देने को तैयार हैं. अखिलेश ने कहा कि सपा और बसपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर कोई समस्या नहीं होगी.

 

अखिलेश यादव ने कहा, "मेरे शब्दों को जेहन में डाल लीजिए. सपा-बसपा गठजोड़ भाजपा को न केवल उत्तर प्रदेश से बल्कि राष्ट्रीय राजनीति से भी बाहर कर देगा." सपा प्रमुख ने कहा, "यह पार्टी से जुड़ा सवाल नहीं है. यह देश को बचाने का सवाल है. हम लोग ऐसी पार्टी के खिलाफ संघर्ष में हैं जो धर्म और जाति के नाम पर उन्माद पैदा कर रही है. वे सबका साथ, सबका विकास की बात करती है, लेकिन ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाता है जो खुलेआम दावा करता है कि वह ईद नहीं मनाता. वह संविधान नहीं बल्कि ईश्वर के नाम पर शपथ लेते हैं."

 

गौरतलब है कि हाल ही में हुए यूपी के दो लोकसभा उपचुनाव में सपा-बसपा ने एक साथ चुनाव लड़ा था, जिसमें भाजपा को मुंह की खानी पड़ी थी. योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में भी बीजेपी हार गई थी. इसके बाद हुए राज्यसभा चुनाव में बसपा अपनी सीट हार गई थी जिसे लेकर माना जा रहा था कि बसपा और सपा का गठबंधन टूट जाएगा. लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस कर गठबंधन बरकरार करने की बात कही थी.

पढ़ें -CBSE पेपर लीक : विसलब्लोअर का दावा, पॉलिटिकल साइंस का पेपर भी हुआ था लीक

बता दें कि यूपी में लोकसभा की 80 सीटे हैं. देश की राजनीति में एक कहावत है कि केंद्र की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर जाता है. जाहिर है यूपी की 80 सीटें किसी भी पार्टी को केंद्र की सत्ता में लाने के लिए बड़ी भूमिका निभाती हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां 73 सीटें जीती थीं. जिसकी वजह से केंद्र में मोदी की सरकार बन पाई थी.

First published: 2 April 2018, 15:24 IST
 
अगली कहानी