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एक महिला के खाते से दूसरी महिला ने निकाला पैसा, सच सामने आने पर बैंक के उड़े होश

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 September 2018, 16:05 IST
(प्रतीकात्मक फोटो )

बैकों में कई बार खाते को लेकर गड़बड़ी देखने को मिलती रहती है. कहीं किसी का पैसा किसी अन्य व्यक्ति के खाते में चला जाता है, तो कहीं किसी के खाते से कोई दूसरा व्यक्ति पैसा निकाल लेता है. ऐसा ही एक मामला करनपुर प्रयाग से सामने आया है. जहां इलाहाबाद बैंक की शाखा में एक ही नाम की दो महिलाओं का खाता खुलने की वजह से बहुत बड़ी गलती हो गई. जिसके चलते एक महिला को बड़ा नुकसान हो गया. जबकि दूसरी हमनाम महिला लखपति हो गई.

दरअसल, सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक की एलनगंज शाखा में एक ही नाम की दो महिलाओं ने खाता खुलवाया. दोनों महिलाओं का नाम पार्वती देवी है. इसमें से एक महिला काफी बुजुर्ग है. बैंक ने बुजुर्ग पार्वती देवी नाम की एक महिला की पासबुक में उनकी ही हमनाम एक दूसरी महिला की खाता संख्या को प्रिंट कर के दे दिया. इसके चलते पीड़िता का पैसा उनकी ही हमनाम दूसरी महिला के खाते में जमा हो गया. दूसरी महिला ने बैंक की इस गलती का फायदा उठाते हुए पीड़िता पार्वती देवी के खाते पैसे निकाल लिए.

पीड़िता पार्वती देवी करनपुर प्रयाग स्टेशन की रहने वाली हैं. उन्होंने इसी साल जनवरी में बैंक में खाता खुलवाय था. वहीं, दूसरी महिला पार्वती देवी बघाड़ा की रहने वाली है. बैंक ने गलती से करनपुर प्रयाग स्टेशन की महिला पार्वती देवी की पासबुक में बघाड़ा की रहने वाली पार्वती देवी की खाता संख्या को प्रिंट कर के दे दिया. इसके बाद बघाड़ा की रहने वाली पार्वती देवी ने करनपुर प्रयाग की रहने वाली पार्वती देवी के खाते में आए पैसों को निकाल लिया.

बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में तो बघाड़ा की रहने वाली पार्वती ने पैसा निकाल की बात से इनकार किया, लेकिन बाद में कड़ाई से पूछताछ करने के बाद उसने पैसे निकालने की बात कबूल कर ली. बघाड़ा की रहने वाली पार्वती का कहना है कि वह बहुत गरीब है और घरों में झाड़ू पोछा करने का काम करती है. उशने अपने बेटे के इलाज के लिए पैसा निकाल लिया.
पीड़िता पार्वती देवी का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन बीमा पॉलिसी के पैसे निकालने के लिए इसी साल इलाहाबाद बैंक में खाता खुलवाया था. बैंक द्वारा दी गई पासबुक पर मेरी फोटो लगी हुई थी. बैंक का खाता नंबर भी लिखा था. मैंने खाता संख्या को सही मानकर अपनी पासबुक की फोटो कॉपी एलआईसी के ऑफिस में दे दी.

इसी साल 23 मार्च को एलआईसी की तरफ से 1,62,000 रुपये की रकम उस खाते में डाल दी गई. मैंने कुछ दिनों तक अपने खाते बारे में जानकारी नहीं ली. जुलाई में मेरी बहू 1,000 रुपये खाते में जमा कराने के लिए बैंक गई. उसके बाद पता चला कि खाते से कुल 80,000 रुपये निकलने लिए गए हैं. इसकी शिकायत बैंक से की गई. उसके बाद पता चला कि मुझे छोटा बघाड़ा निवासी पार्वती देवी की खाता संख्या दे गई थी और उसी में मैंने पैसे जमा करा दिए जिसे उस पार्वती देवी ने निकाल लिए.

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First published: 16 September 2018, 16:05 IST
 
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