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योगी सरकार पर सख्त हुआ हाईकोर्ट, फर्जी एनकाउंटर को लेकर जल्द मांगा जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 April 2018, 9:39 IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुजफ्फरनगर के बहुचर्चित फुकरान एनकाउंटर पर योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं. हाईकोर्ट ने इस एनकाउंटर को लेकर सख्त कार्रवाई करते हुए सरकार से तीन हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है. यह आदेश न्यायमूर्ति जे.जे.मुनीर ने मृतक फुरकान के पिता मीर हसन की याचिका पर दिया है. याची अधिवक्ता फरमान नकवी ने बताया कि 22 अक्टूबर 07 को पुलिस और एसटीएफ की 16 कर्मियों की टीम ने मुठभेड़ में फुरकान को मौत के घाट उतार दिया.

रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर राज्य सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है. फुकरान के पिता मीर हसन ने सीजेएम की अदालत में मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए दोषी 16 पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग में अर्जी दाखिल की थी. जिसे 16 जनवरी 2018 को अदालत ने खारिज कर दिया. जिस पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है गई थी.

 

दरअसल, मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना पुलिस ने 2017 के अक्टूबर महीने की 22 तारीख को एसटीएफ के साथ मिलकर फुरकान नामक युवक का एकाउंटर कर दिया था. फुरकान के पिता का कहना था कि पुलिस ने उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी थी. पिता मीर हसन के मुताबिक, वह कई दिनों तक बुढ़ाना थाने का चक्कर लगाते रहे.

कई दिनों बाद जाकर पुलिस ने फुरकान का शव उन्हें सौंपा था. पुलिस ने फुरकान के साथ ही दो और युवकों राहुल और अनीस को भी गोली मारी थी. लेकिन उन्हें गोली पैर में लगी थी. ये लोग अभी मुजफ्फरपुर जेल में बंद हैं. फुरकान के पिता के मुताबिक उन्होंने जब जेल में बंद अनीस और राहुल से मिले तो पूरी बात पता चली.

 

फुकरान के पिता का कहना है कि फुरकान पत्नी के साथ बाजार में खरीदारी करने गया था. वहां से पुलिस उठा ले गई और बाद में फर्जी एनकाउंटर में मार दिया. पिता मीर हसन ने इस मामले में डीजीपी से लेकर मानवाधिकार आयोग तक अपनी बात पहुंचाई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.

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इसके बाद उन्होंने 29 दिसम्बर 2017 को मुजफ्फरनगर सीजेएम कोर्ट में दोषी पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए अर्जी डाली. सीजेएम कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया.

First published: 22 April 2018, 9:33 IST
 
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