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हाईकोर्ट का आदेश, अब बजाया डीजे तो जाना पड़ेगा जेल, एक लाख का होगा जुर्माना

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 August 2019, 10:11 IST

शादी समारोह में जश्न के दौरान अगर आपने डीजे बजाया तो आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है. यही नहीं इसके साथ आपको एक लाख रुपये का जुर्माना भी देना पड़ सकता है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश में अगर किसी ने शादी समारोह या किसी अन्य मौके पर डीजे बजाया तो उसे पांच साल की सजा हो सकती है. दरअसल, ध्वनि प्रदूषण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने कहा है कि पूरे यूपी में डीजे बजाए जाने पर पाबंदी लगा दी गई है.

इसी के साथ अदालत ने राज्य के जिलाधिकारियों और मजिस्ट्रेटों द्वारा डीजे बजाने की मंजूरी दिए जाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. साथ ही कोर्ट ने यूपी सरकार से इस पर सख्ती से अमल करने को कहा है. यही नहीं हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने के साथ ही एक लाख रूपये का जुर्माना लगाने और पांच साल तक की कैद की सजा का नियम बनाने का भी आदेश दिया है.

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि डीजे बजने पर संबंधित थाना प्रभारियों की जवाबदेही होगी. साथ ही इस बारे में शिकायत करने वालों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी. यही नहीं ईमेल और व्हाट्सएप्प के साथ ही मोबाइल पर भेजे गए एसएमएस के जरिये भी शिकायत की जा सकेगी. अदालत ने ध्वनि प्रदूषण की शिकायत के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी करने का आदेश दिया है.

इसी के साथ हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि इस आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ अदालत की अवमानना का केस चलाया जाएगा. अदालत ने माना है कि कई एम्प्लीफायर व साउंड बॉक्स होने की वजह से डीजे बजने पर ध्वनि प्रदूषण के मानकों का पालन नहीं हो सकेगा.

अदालत के अपने फैसले में कहा है कि त्योहारों पर लाउडस्पीकर भी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक ही बजेंगे. जिनकी निगरानी जिलों के डीएम व पुलिस कप्तान रखेंगे. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि डीजे बजने से बच्चों-बुजुर्गों व हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. साथ ही ये सभी इंसानों की सेहत के लिए खतरा पैदा करता है.

अदालत ने कहा है कि ध्वनि प्रदूषण होने से नागरिकों के मूल अधिकारों का हनन होता है. बता दें कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर ये आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की डिवीजन बेंच ने प्रयागराज के हाशिमपुर इलाके में रहने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील सुशील चन्द्र श्रीवास्तव व अन्य की अर्जी पर सुनवाई के बाद दिया है.

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First published: 21 August 2019, 10:12 IST
 
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