Home » उत्तर प्रदेश » Allahabad stayed UP government notification regarding conversion of 17 OBC castes into SC category
 

चुनाव से पहले अखिलेश सरकार को हाईकोर्ट का झटकाः 17 जातियों को एससी कैटेगरी में शामिल करने पर रोक

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:45 IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को सूबे की मौजूदा अखिलेश सरकार को एक बड़ा झटका दिया. अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की 17 जातियों को अनुसूचित जाति (एससी) कैटेगरी में शामिल किए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी. 

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव समाज कल्याण को आदेश के अनुपालन के लिए आदेश दे दिया है. इस मामले पर महाधिवक्ता ने कोर्ट को जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं किया है. चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की डिवीजन बेंच ने यह आदेश दिया है.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग ने 22 दिसंबर 2016 को एक आदेश जारी करके 17 ओबीसी की जातियों को एससी में शामिल करने का निर्णय लिया था. सरकार के इस निर्णय को विभिन्न आधारों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दे दी गई. 

इसमें कहा गया है कि, संविधान में प्रदेश सरकार को ऐसा करने का अधिकार नहीं दिया गया है. यह अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास है. इस मामले पर दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अग्रिम रोक लगा दी है.

हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस नोटिफिकेशन पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई है जिसके लिए 22 दिसंबर 2016 को सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर 17 पिछड़ी जातियों को एससी में शामिल किया था. 

इसके खिलाफ डॉ भीमराव आंबेडकर ग्रंथालय एवं जन कल्याण समिति की तरफ से एक जनहित याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि राजनैतिक लाभ के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 341 का उल्लंघन किया है जबकि इसमें संशोधन का अधिकार केवल संसद को है. 

आरोप है कि 17 पिछड़ी जातियों का वोट लेने के लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया था. मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी.

First published: 24 January 2017, 4:53 IST
 
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