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'रावण' को हाईकोर्ट से मिली ज़मानत

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 November 2017, 15:56 IST

यूपी के सहारनपुर को जातीय हिंसा में झोंकने के आरोपी भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद उर्फ रावण  को गुरुवार को जमानत मिल गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'रावण' को जमानत दे दी है. चंद्रशेखर आज़ाद पर कई संगीन धाराओं में केस दर्ज हुआ था. जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर उर्फ रावण की जमानत अर्जी अभी एक मुकदमे में ही स्वीकृत हुई है.

सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा की घटना के मुख्य आरोपी चंद्रशेखर पर कई मुकदमे दर्ज हैं. इन सभी मुकदमों में उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है. इस तरह अभी अन्य मुकदमों में भी चंद्रशेखर को जेल से बाहर आने के लिए जमानत अर्जी डालनी होगी.

एक मुकदमे में जमानत होने के बाद अब चंद्रशेखर को अन्य मुकदमों में भी जमानत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. सहारनपुर एसएसपी बबलू कुमार ने जमानत अर्जी न्यायालय द्वारा स्वीकृत किए जाने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया है कि उनके पास अभी तक एक मुकदमे में जमानत मिलने की सूचना है.

गौरतलब है कि इस साल चंद्रशेखर उर्फ रावण को सहारनपुर पुलिस की एक टीम ने 8 जून को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ्तार किया था. सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा की घटना के करीब एक माह बाद पुलिस ने आजाद को गिरफ्तार किया था.

कौन है चंद्रशेखर आजाद?

चंद्रशेखर को सुर्खियां तब भी मिलीं, जब उन्होंने अपने गांव घडकौली के सामने एक बोर्ड लगाया. वो बताते हैं, "इलाके में वाहनों तक पर जाति के नाम लिखे होते हैं और उन्हें दूर से पहचाना जा सकता है. जैसे द ग्रेट राजपूत, राजपूताना. इसलिए हमनें भी बोर्ड लगाया. इसे लेकर विवाद भी हुआ लेकिन आज भी इसकी मौजूदगी है." 

नाम में रावण क्यों?

देहरादून से लॉ की पढ़ाई करने वाले चंद्रशेखर खुद को 'रावण' कहलाना पसंद करते हैं. इसके पीछे वो तर्क देते हैं, "रावण अपनी बहन सूर्पणखा के अपमान के कारण सीता को उठा लाता है, लेकिन उनको भी सम्मान के साथ रखता है."

चंद्रशेखर कहते हैं, "रावण अपनी बहन के सम्मान के लिए लड़ा और अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, तो वो ग़लत कैसे हो सकता है."

चंद्रशेखर के मुताबिक भीम आर्मी की स्थापना दलित समुदाय में शिक्षा के प्रसार को लेकर अक्टूबर 2015 में हुई थी, इसके बाद सितंबर 2016 में सहारनपुर के छुटमलपुर में स्थित एएचपी इंटर कॉलेज में दलित छात्रों की कथित पिटाई के विरोध में हुए प्रदर्शन से ये संगठन चर्चा में आया.

First published: 2 November 2017, 15:56 IST
 
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