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एक पुराने मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ को बड़ी राहत

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 December 2017, 15:47 IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 22 साल पुराने एक केस में बड़ी राहत मिली है. यूपी में भाजपा शासित योगी सरकार ने योगी के खिलाफ इस मामले में मुकदमा वापस लेने का फैसला लिया है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के मुताबिक इस साल 20 दिसंबर को उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर ज़िला मजिस्ट्रेट को लेटर लिखकर निर्देश दिये हैं कि वो इस मामले को रद्द करने के लिए कोर्ट में याचिका दायर करे.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में गोरखपुर के अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट (सिटी) रजनीश चंद्र ने इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि मुक़दमा रद्द करने के संबंध में उन्हें यूपी सरकार से कोर्ट में अपील करने का आदेश मिला है. यूपी सरकार की तरफ से भेजे गए इस आदेश पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिव प्रताप शुक्ला, शीतल पांडेय और 10 दूसरे लोगों के नामों का भी ज़िक्र किया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में अभियोजन अधिकारी बीडी मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार के आदेश के मुताबिक हम जाड़े की छुट्टियां ख़त्म होने के बाद अदालत से मुक़दमा वापस लेने की अपील करेंगे. 

ये है मामला

योगी आदित्यनाथ के लंबे समय तक संसदीय क्षेत्र रहे गोरखपुर जिला के पीपीगंज पुलिस थाने में दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक यूपी के मौजूदा सीएम योगी आदित्यननाथ समेत 14 लोगों के खिलाफ 27 मई, 1995 को आईपीसी की धारा 188 के तहत केस दर्ज किया गया था. इन सभी पर जिला प्रशासन द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद धारा 144 तोड़कर पीपीगंज शहर में जनसभा आयोजित करने का मामला दर्ज है. स्थानीय अदालत में विचाराधीन इस मुक़दमे में इससे पहले कोर्ट में हाज़िर न होने की वजह से सभी आरोपियों के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वॉरंट जारी करने का निर्देश दिया गया था.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध को रोकने के लिए  योगी सरकार ‘उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक’ (यूपीकोका) लागू करने की तैयारी कर रही है. इसको सरकार ने विधानसभा में भी पेश कर पास भी करा लिया है. नए कानून के तहत अंडरवर्ल्ड, जबरन वसूली, जबरन मकान और जमीन पर कब्जा, वेश्यावृत्ति, अपहरण, फिरौती, धमकी और तस्करी जैसे अपराध शामिल होंगे.

First published: 27 December 2017, 15:47 IST
 
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