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कासगंज हिंसा: दोनों ही पक्षों के हाथ में था तिरंगा, झगड़ा रास्ते को लेकर हुआ था

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 January 2018, 13:51 IST

यूपी के कासगंज में पिछले तीन दिनों से हो रहे सांप्रदायिक तनाव ने पूरे शहर को अपने चपेट में ले लिया है. शहर में धारा 144 लागू होने के बाद भी पूरा शहर धू-धूकर जल रहा है. रविवार की सुबह भी उपद्रवी तत्वों ने एक दुकान में आग लगा दी. पिछले दो दिनों से कासगंज में कर्फ्यू लागू है, पीएसी और पुलिस के जवान तैनात हैं, लेकिन हिंसा और आगजनी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं.

खबर थी कि एबीवीपी-बीजेपी द्वारा तिरंगा यात्रा निकालने को लेकर बवाल की शुरुआत हुई थी. मीडिया की खबरों की मानें तो तिरंगा यात्रा का स्थानीय मुसलमानों ने विरोध किया था. कुछ वेबसाइटों ने यह भी लिखा था कि मुसलमानों ने देश विरोधी नारे लगाए थे और तिरंगा यात्रा का विरोध किया था. लेकिन अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट छापी है.

 

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक जहां दंगा हुआ वहां दोनों ही पक्षों के पास तिरंगा था और झगड़ा रास्ते को लेकर हुआ था. इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्टर अभिषेक आनंद ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कासगंस के बद्दूनगर के स्थानीय मुसलमानों गणतंत्र दिवस के दिन तिरंगा फहराने की तैयारियां की थीं और कुर्सियां बिछाईं गईं थीं.

अभिषेक आनंद ने रिपोर्ट में लिखा कि जब स्थानीय मुसलमान तिरंगा फहराने की तैयारी कर रहे थे तो उसी समय बाइकों पर सवार लोग तिरंगा यात्रा लेकर आ गए. इसके बाद तिरंगा यात्रा में शामिल युवाओं ने कुर्सियां हटाकर रैली वहीं से निकालने के लिए कहा.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक स्थानीय नागरिक और पेशे से वकील मोहम्मद मुनाज़िर रफ़ी ने अख़बार को बताया कि बाइक सवार नारेबाज़ी कर रहे थे और लोगों ने उनसे गणतंत्र दिवस का जश्न ख़त्म होने का इंतज़ार करने का आग्रह किया लेकिन वो वहां से पीछे नहीं हटे.

मोहम्मद मुनाज़िर रफ़ी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इलाके के कुछ लोगों के पास एक वीडियो में दिख रहा है कि करीब 60 लोग तिरंगा और भगवा झंडा लेकर खड़े हैं और चिल्ला रहे हैं, "बाइक इसी रास्ते से जाएगी.''

 

आईजीपी ध्रुव कांत ठाकुर ने भी इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "जहां घटना हुई वहां मुस्लिम समुदाय के लोग तिरंगा फहराने की तैयारी कर रहे थे."

वहीं जिले के SP सुनील सिंह ने तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा भड़काने वाले तत्वों के बारे में भी अहम खुलासा किया है. सुनील सिंह ने हिंसा की वारदातों के पीछे राजनीतिक साजिश की आशंका जाहिर की है. उन्होंने कहा कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता की इसके पीछे राजनीतिक साज़िश हो सकती है.

उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा निकाल रहे लोगों ने एक खास जगह पहुंचकर कुछ भड़काऊ नारेबाजी की, जिसके चलते झगड़ा शुरू हुआ और हिंसा भड़क उठी. उन्होंने यह भी कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन हिंसा त्वरित कारणों से भड़की, लेकिन उसके बाद फैलाई जा रही हिंसा के पीछे कोई राजनीतिक साजिश है.

First published: 28 January 2018, 11:59 IST
 
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