Home » उत्तर प्रदेश » BSP Chief Mayawati removed her brother Anand Kumar from the post of party Vice-President
 

मायावती अगले 20 से 25 साल तक रहेंगी BSP की अध्यक्ष, भाई से छीना उपाध्यक्ष का पद

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 May 2018, 9:06 IST

बीएसपी सुप्रीमो मायावती अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से हटा लिया है. उनके इस कदम को परिवारवाद के बढ़ते आरोपों पर कदम पीछे खींचना माना जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को आगाह भी कर दिया कि अभी कोई उत्तराधिकारी बनने का सपना न देखें. उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी 20 से 25 सालों तक पार्टी की प्रेसीडेंट रहेंगी.

मायावती ने पार्टी संविधान में बड़े बदलाव का एलान करते हुए कहा है कि अब भविष्य में राष्ट्रीय अध्यक्ष के परिवार का कोई भी नजदीकी सदस्य संगठन में किसी भी स्तर पर नहीं रखा जाएगा. मायावती ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए पूर्व मंत्री राम अचल राजभर की जगह पिछड़े वर्ग के ही पूर्व एमएलसी आरएस कुशवाहा को यूपी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. राजभर को पार्टी का नया राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है.

 

शनिवार को बसपा मुख्यालय में हुए राष्ट्रीय अधिवेशन व कार्यसमिति की बैठक में मायावती ने ये अहम एेलान किया. उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के बाद पेपर वर्क देखने के लिए अपने छोटे भाई आनंद कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था, लेकिन इसके बाद से ही कांग्रेस व अन्य पार्टियों की तरह बीएसपी में भी परिवारवाद को बढ़ावा देने की खबरें मीडिया में आने लगीं.

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उन्होंने कहा कि दूसरे दलों में गए लोगों ने भी बीएसपी के लोगों को गुमराह करना शुरू कर दिया था. मेरे अन्य भाई-बहन व नजदीकी रिश्ते-नाते के लोग भी आनंद कुमार की तरह पार्टी में पद पर रखने के लिए दबाव बनाने लगे थे. इसके बाद भविष्य में परिवारवाद का आरोप न लगे, इसलिए पार्टी संविधान में कई अहम संशोधन किए गए हैं. उन्होंने कहा कि आनंद ने बिना पद पर रहकर पूर्व की तरह पार्टी की सेवा करने की बात कही है.

First published: 27 May 2018, 9:06 IST
 
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