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कोरोना का खौफ: पैदल चलकर मुंबई से वाराणसी पहुंचा युवक, परिजनों ने नहीं दी घर में एंट्री

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 April 2020, 11:11 IST

Corona virus fear: कोरोना वायरस (Corona Virus) का खौफ अब इंसानों में दिखाई देने लगा है. इसे कोरोना के डर से रिश्तों में बढ़ रही दूरी कहें, डर कहें या फिर जागरूकता कि लोग अपनों से ही दूरी बनाने लगे हैं. दरअसल, वाराणसी से एक ऐसा मामला सामने आया है. जिसे जानकर यकीनन आपको हैरानी होगी. मामला, वाराणसी कोतवाली थाना क्षेत्र के दवा मंत्री इलाके का है. जहां रहने वाला अशोक केसरी मुंबई के नागपाड़ा इलाके के किसी होटल में काम करता है. लॉकडाउन होने के बाद वह मुंबई में ही फंस गया.

उधर मुंबई में कोरोना के बढ़ प्रसार की वजह से वो परेशान हो गया. लेकिन लॉकडाउन की वजह से ना तो ट्रेन चल रही थी और ना ही आने जाने का कोई दूसरा साधन. उसके बाद अशोक ने अपने छह मित्रों के साथ 14 दिन पहले पैदल ही वाराणसी की यात्रा शुरु कर दी. उन्होंने करीब 1,600 किलोमीटर की दूरी कुछ रेल की पटरियों पर चलकर पूरी की तो कुछ सड़क मार्ग से. इस तरह से वो वाराणसी पहुंच गए. अशोक ने वाराणसी पहुंचकर अपने परिजनोंं को फोन किया. जब वह घर पहुंचा तो उसकी मां ने घर का दरवाजा तक हीं खोला.


इससे पहले ही वाराणसी में उसकी कोरोना जांच की गई. उसके बाद ही उसे घर भेजा गया था. उसे 14 दिन तक क्वारंटीन का निर्देश मिला था. देर शाम पुलिस ने परेशान अशोक को मैदागिन स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. उसकी हालत अब ठीक है, लेकिन बेहद थका हुआ है. अशोक का कहना है कि 14 दिन पहले ही दोस्तों के मुंबई से वाराणसी के लिए पैदल ही चल पड़ा था. रविवार सुबह रेल पटरियों के सहारे वह कैंट स्टेशन पर पहुंचा. यहीं से पहले उसने फोन कर घरवालों को जानकारी दी. उसने अपने छह दोस्तों के बारे में भी बताया.

वे पं. दीनदयालनगर (मुगलसराय) और रामनगर क्षेत्र के रहने वाले हैं. सात लोगों के मुंबई से यहां आने की सूचना के बाद घर वालों ने मोहल्ले में जानकारी दी. फिर हड़कंप मच गया. उधर, अशोक घर न पहुंचकर मंडलीय अस्पताल पहुंचा. वहां जांच के लिए काफी देर तक भटकता रहा. फिर उसे जानकारी दी गई कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में जांच हो रही है.

वहां पहुंच उसने अपने मुंबई से आने की जानकारी दी. अशोक ने बताया कि जांच के बाद उसे 14 दिन तक घर में अलग रहने का निर्देश मिला. इसके बाद वह घर पहुंचा तो मां और भाभी ने दरवाजा नहीं खोला. उन्हें आशंका है कि वह मुंबई में कोरोना से संक्रमित हो गया होगा.

पुलिस का कहना है कि अभी अशोक को कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं, लेकिन अगर उसके घर वाले तैयार नहीं होंगे तो उसे उसके कहीं न कहीं सुरक्षित रहने का प्रबंध किया जाएगा. फिलहाल पुलिस अशोक के अन्य दोस्तों का भी पता लगा रही है. मिलने पर उनकी भी कोरोना जांच की जाएगी. जिसके लिए पुलिस ने मुगलसराय और रामनगर पुलिस को सूचना दी है.

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First published: 13 April 2020, 11:11 IST
 
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